हैम्बर्ग: जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में बुसेरियर समर स्कूल में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बताया कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर भाषण के बाद वे पीएम नरेंद्र मोदी के गले क्यों लगे थे. राहुल ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दों पर उसे कटघरे में खड़ा किया.

प्रधानमंत्री को गले लगाने के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि पीएम मेरे खिलाफ कई बार हेट स्पीच दे चुके हैं. लेकिन मैं उनके गले मिला. यह भारत और भारतीयता का सबसे अहम पहलू है. मेरी अपनी पार्टी के कई लोग भी मेरे इस कदम से सहमत नहीं थे, लेकिन मुझे पता है कि मैंने सही किया.

राहुल ने बताया कि इसके पीछे मूल सोच यह है कि यदि कोई आपसे घृणा करता है तो यह उसका नजरिया है. घृणा का जवाब घृणा से देने का कोई मतलब नहीं क्योंकि इससे समस्याएं हल नहीं हो सकतीं. आपका पूरा नियंत्रण केवल इस पर है कि आप क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

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राहुल ने आगे कहा कि मेरे पिता और दादी को मार दिया गया. मैंने हिंसा का दंश झेला है, लेकिन आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता यही है कि आप पुरानी बातें भूल जाएं, माफ कर दें.

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राहुल ने भारत में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि भारत को महिलाओं के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है. पुरुषों को अपनी सोच बदलनी होगी. उन्हें महिलाओं को बराबरी और सम्मान के नजरिये से देखना होगा. लेकिन भारतीय समाज में अभी ऐसा नहीं हो रहा है.

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राहुल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी के जरिये अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया. सरकार की नीतियों के चलते हजारों उद्योग-धंघों के बंद होने का आरोप उन्होंने लगाया. राहुल बुसेरियर समर स्कूल में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे. वे इस स्कूल के छात्र रह चुके हैं.