E20 Petrol: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने E20 पेट्रोल पॉलिसी को लेकर सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कार का पेट्रोल टैंक खोलकर लोगों को E20 पेट्रोल के बारे में समझाते नजर आए. राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई छोटा मुद्दा नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है. “उनका आरोप है कि E20 पेट्रोल की वजह से लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं और आम लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है.
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि E20 पेट्रोल से कार और स्कूटर के इंजन पर असर पड़ रहा है. उनका दावा है कि कई लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार यह नहीं बता रही कि इस बदलाव से आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह फैसला लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सवाल उठाने की जरूरत है और E20 पेट्रोल का मामला भी उनमें से एक है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी जोरदार तरीके से उठाएगी.
E20 – दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है। pic.twitter.com/Unw7UfNt9k
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 7, 2026
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम सही तरीके से चल रहा है और कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के इसे विवाद बना रहे हैं. मंत्री ने बताया कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर हर दिन 6 से 7 करोड़ लोग ईंधन भरवाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कहीं मिलावट की बात होती है तो उसकी जांच की जाती है. सरकार ने रोज करीब 2,000 पेट्रोल पंपों से सैंपल लेकर जांच की और 1.07 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से सिर्फ चार जगहों पर ही समस्या मिली.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कुछ अलग-अलग मामलों को पूरे सिस्टम की समस्या बताना सही नहीं है. उनके मुताबिक, सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ इस योजना पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि E20 पॉलिसी का मकसद देश में प्रदूषण कम करना और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है. मंत्री ने यह भी कहा कि इस योजना से भारत को लंबे समय में आर्थिक और पर्यावरण दोनों स्तर पर फायदा होगा. सरकार का दावा है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम लगातार सफल तरीके से आगे बढ़ रहा है और इसे लेकर बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है.
E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है. सरकार का कहना है कि इससे प्रदूषण कम होगा और विदेशों से कच्चा तेल खरीदने की जरूरत भी घटेगी. दूसरी ओर, विपक्ष और कुछ वाहन मालिकों का दावा है कि इससे खासकर पुरानी गाड़ियों के इंजन पर असर पड़ सकता है और माइलेज भी कम हो सकता है. इसी वजह से इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है. जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और आंकड़ों के आधार पर यह नीति लागू की गई है और इससे देश को लंबे समय में फायदा मिलेगा.
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