राहुल गांधी एक बार फिर कांग्रेस की कमान संभालने की तैयारी में हैं. कुछ दिन पहले कांग्रेस कार्यसमिति की हुई बैठक में भी उनको एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी. पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद राहुल ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. वैसे पिछले कुछ समय से राहुल गांधी जिस तरह से पार्टी की ओर से लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं उससे तो यही लगता है कि परदे के पीछे से वही पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं.Also Read - BJP देश की सबसे अमीर पार्टी, बसपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर, जानें किसके पास कितनी संपत्ति

दरअसल, बुधवार को राहुल गांधी ने पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अध्यक्षों की बैठक ली. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में एलएसी पर चीन के साथ तनाव और देश में पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम पर चर्चा की गई. Also Read - Punjab Elections 2022: राहुल गांधी की अमृतसर मीटिंग से दूर रहे 5 कांग्रेस सांसद, एक MP ने दी ये सफाई

इस चर्चा में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवानों की याद में 26 जून को पूरे देश में शहीदों को सलाम कार्यक्रम शुरू करने की भी बात कही गई. Also Read - Budget Session of Parliament: सोनिया गांधी के नेतृत्व में कल कांग्रेस संसदीय समूह की बैठक, बजट सत्र के लिए बनेगी रणनीति

इसके अलावे पार्टी ने अपने सभी प्रदेश अध्यक्षों को पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के खिलाफ सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने की बात कही.

दरअसल, पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में ये सभी फैसले लिए. राहुल के इस्तीफे के बाद से ही कांग्रेस पार्टी नए अध्यक्ष की तलाश नहीं कर पाई. अंतत: पार्टी ने सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया था.