राहुल गांधी एक बार फिर कांग्रेस की कमान संभालने की तैयारी में हैं. कुछ दिन पहले कांग्रेस कार्यसमिति की हुई बैठक में भी उनको एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग उठी थी. पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद राहुल ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. वैसे पिछले कुछ समय से राहुल गांधी जिस तरह से पार्टी की ओर से लगातार सरकार पर हमला कर रहे हैं उससे तो यही लगता है कि परदे के पीछे से वही पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं. Also Read - लद्दाखवासी कहते हैं चीन ने हमारी जमीन ली और प्रधानमंत्री कहते हैं नहीं, कोई तो झूठ बोल रहा है: राहुल

दरअसल, बुधवार को राहुल गांधी ने पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अध्यक्षों की बैठक ली. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में एलएसी पर चीन के साथ तनाव और देश में पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम पर चर्चा की गई. Also Read - राहुल ने शायरी के जरिए साधा प्रधानमंत्री पर निशाना, लिखा- 'तू इधर उधर की न बात कर....ये बता कि काफिला कैसे लुटा'

इस चर्चा में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवानों की याद में 26 जून को पूरे देश में शहीदों को सलाम कार्यक्रम शुरू करने की भी बात कही गई. Also Read - राहुल गांधी ने पूछा- मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार में चीन से आयात क्यों बढ़ा

इसके अलावे पार्टी ने अपने सभी प्रदेश अध्यक्षों को पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम के खिलाफ सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने की बात कही.

दरअसल, पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में ये सभी फैसले लिए. राहुल के इस्तीफे के बाद से ही कांग्रेस पार्टी नए अध्यक्ष की तलाश नहीं कर पाई. अंतत: पार्टी ने सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया था.