नई दिल्ली। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाषण देने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अचानक प्रधानमंत्री को गले लगाकर एकबारगी सभी को चकित कर दिया. उनके इस बर्ताव से खुद पीएम मोदी भी हैरान दिखे. बाकी बीजेपी सांसदों का भी यही हाल रहा. इसके बाद राहुल अपनी सीट पर पहुंचे और वहां साथी सांसद की ओर देखकर आंख मारी. इसके बाद ट्विटर पर चुटकुलों की बाढ़ सी आ गई और ‘पप्पू की झप्पी’ और ‘हगप्लोमेसी’ जैसे हैशटैग चलने लगे. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

राहुल बने मुन्नाभाई  Also Read - राहुल गांधी ने कहा- गरीबों के पैदल पलायन के लिए सरकार जिम्मेदार, नागरिकों की ये हालत करना अपराध

कई लोगों ने एक बॉलीवुड फिल्म ‘मुन्नाभाई’ के किरदार को याद किया जो अपने विरोधियों को गले लगाकर जीत लेता था, यह किरदार साबित करता था कि गांधीवादी मूल्यों की आज भी प्रासंगिकता है. कांग्रेस ने भी आज इसी का सहारा लिया. कांग्रेस अध्यक्ष के सदन में मोदी की ओर जाने और उन्हें गले लगाने का दृश्य टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार दिखाया जाने लगा तो लोगों के जेहन में आया कि किस तरह प्रधानमंत्री खुद नेताओं के गले लगते हैं. Also Read - Ramayana फिर शुरू, पहले एपिसोड में 'राम-सीता' को देख लगे जयकारे, घरों का ऐसा रहा नज़ारा

ट्टविटर पर यूजर्स ने की मस्ती

ट्विटर के एक यूजर ने लिखा, जैसे नरेंद्र मोदी दूसरों को गले लगाते हैं उसी तरह राहुल ने भी किया, वह भी तब जब कुछ मिनट पहले ही हरसिमरत बादल ने कहा था कि संसद ‘मुन्ना भाई की पप्पी-झप्पी’ के लिए नहीं है. एक अन्य यूजर अंकुर सिंह ने ट्वीट किया, और भी बेहूदा गले लगाना ‘हगप्लोमेसी’. एक यूजर ने लिखा ‘पप्पू बने मुन्ना भाई’.

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इस घटनाक्रम से मोदी के चकित होने के बहाने एक यूजर ने सहमति का मुद्दा उठाया और इसे अब तक का सबसे जोर-जबरदस्ती से गले लगाना बताया. एक यूजर ने लिखा, संभवत अब तक का सबसे जोर-जबरदस्ती से गले लगाया जाना. सहमति का क्या श्रीमान गांधी. कई लोगों ने कहा कि राहुल गांधी प्रिया वारियर से सीख रहे हैं.

राहुल ने पीएम को किया हैरान

राहुल के इस कदम से मोदी भी चकित रह गए और गले लगने के लिए खड़े नहीं हो पाए, लेकिन तुरंत खुद को संभालते हुए उन्होंने राहुल गांधी को बुलाया और हाथ मिलाने के साथ-साथ उनकी पीठ थपथपाई. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ कहा भी, लेकिन इसे सुना नहीं जा सका. अपनी सीट पर वापस आने के बाद राहुल ने कहा, हिंदू होने का यही अर्थ है.

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राहुल गांधी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी और आरएसएस ने मुझे सिखाया है कि कांग्रेसी होने का अर्थ क्या है, असली भारतीय होने का अर्थ क्या है और एक असली हिंदू होने का अर्थ क्या है. इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं. उन्होंने कहा कि मेरे विरोधी मुझसे नफरत कर सकते हैं, मुझे पप्पू कह सकते हैं, लेकिन मुझे इसका गुस्सा नहीं है और न ही प्रधानमंत्री और भाजपा से घृणा है.