राहुल गांधी की इस भविष्यवाणी पर सियासी संग्राम; अभय दुबे ने मोदी सरकार को घेरा, सुधांशु त्रिवेदी ने किया पलटवार
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है. इस बयान पर कांग्रेस के अभय दुबे और बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी के बीच तीखी बहस छिड़ गई.
Congress Vs BJP: कांग्रेस की अल्पसंख्यक समिति की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि अगले एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की विदाई तय है. राहुल गांधी ने इसके पीछे देश में बढ़ते आर्थिक संकट, बेरोजगारी और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव को प्रमुख कारण बताया.
राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. इसी मुद्दे पर हुई एक टीवी डिबेट में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे (Abhay Dubey) ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से परेशान है. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है जबकि आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.
क्या बोले अभय दुबे और सुधांशु त्रिवेदी?
अभय दुबे ने कहा कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसका असर राजनीतिक रूप से दिखाई देगा. वहीं, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयान को राजनीतिक हताशा करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और जनता लगातार बीजेपी पर भरोसा जता रही है. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद पार्टी नेतृत्व बार-बार ऐसे दावे करता है जिनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं होता.
बीजेपी सांसद ने ये भी कहा कि राहुल गांधी कई सालों से इसी तरह की भविष्यवाणियां करते रहे हैं, लेकिन हर चुनाव में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को समर्थन दिया है. उनके मुताबिक विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए ऐसे बयान देकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. राहुल गांधी के बयान के बाद एक बार फिर ये सवाल खड़ा हो गया है कि क्या देश की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है या फिर यह केवल विपक्ष की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. फिलहाल इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
ये बहस ऐसे समय में सामने आई है जब देश में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कांग्रेस लगातार आर्थिक मुद्दों, बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय के सवालों को उठाकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और कल्याणकारी योजनाओं को अपनी सबसे बड़ी ताकत बता रही है.
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