नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश में कोरोना वायरस, लॉकडाउन, आर्थिक पैकेज और अर्थव्यवस्था को लेकर देश के कई राज्यों के पत्रकारों की है. उन्होंने एक घंटे से अधिक समय से बात की. इस बार वह नेशनल मीडिया की बजाय राज्यों के क्षेत्रीय पत्रकारों से बात कर रहे हैं. वीडियो कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में आर्थिक नुकसान की आंधी आने वाली है. देश को कोरोना से ज्यादा बड़ा नुकसान आर्थिक नुकसान होगा. आर्थिक पैकेज से लोगों को सीधा फायदा नहीं है. इसलिए लोगों के खातों में सीधा पैसा देना चाहिए. छोटे कारोबार को बहुत सपोर्ट की ज़रूरत है. Also Read - मध्य प्रदेश: कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 8,283 तक पहुंचा, 385 में सबसे ज्यादा मौतें इंदौर में

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन कोई इवेंट नहीं है. इससे बहुत चालाकी निपटना होगा. लोगों को आज रुपयों की ज़रूरत है. उद्योगों को लोन देने से फायदा बहुत अधिक नहीं होगा क्योंकि बाज़ार में डिमांड नहीं है. डिमांड बढ़ाने के लिए ही लोगों को सीधे तौर पर पैसा देना चाहिए. मैं पीएम नरेंद्र मोदी से ये मांग करता हूं कि वह पैकेज को फिर से देखें. मनरेगा के तहत काम को 200 दिन के लिए कर देना चाहिए. मजदूरों-किसानों के खातों में पैसा डालें. यही लोग देश का भविष्य हैं. Also Read - वर्क फ्रॉम होम: 'बॉस' रात में करते हैं VIDEO CALL, कम कपड़ों में करते हैं मीटिंग, परेशान हैं महिलाएं

राहुल गांधी ने कहा कि ये समय सरकार पर आरोप लगाने और निशाना साधने का नहीं है. हम सरकार को सुझाव दे रहे हैं. पैकेज में हमारे कुछ सुझाव लिए भी गए हैं, लेकिन लोगों को सीधे पैसे देने का प्रावधान नहीं किया. इसलिए ‘न्याय’ जैसी योजना लागू करनी चाहिए. भले ही सरकार इसका नाम बदल दे. उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारों को सपोर्ट करना पड़ेगा. फाइनेंशियल सपोर्ट देने पड़ेंगे. बिहार जैसे राज्यों में ही कारोबार हो. रोजगार हो. जब कोई घर से बाहर जाता है तो पैसे के लिए जाता है, इसलिए रोजगार के लिए राज्यों में ही सटीक योजना होनी चाहिए. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस राज्य के मंदिरों को हुआ 600 करोड़ का नुकसान, सालाना आय में आई बड़ी कमी