नई दिल्ली. विदेश भागने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करने संबंधी भगौड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के दावे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उनके साथ कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत और राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पुनिया भी थे. इस दौरान पुनिया ने 1 मार्च 2016 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन संसद के सेंट्रल हॉल में उन्होंने विजय माल्या को अरुण जेटली से लंबी बातचीत करते देखा था. Also Read - राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बोले- अचानक बंद होने से भय और भ्रम पैदा हो गया है

राहुल गांधी ने कहा, इस पर दो सवाल उठता है. पहला ये है कि वित्त मंत्री भगौड़े से बात करता है. भगौड़ा वित्त मंत्री से कहता है कि मैं विदेश जा रहा हूं. लेकिन वित्त मंत्री ने पुलिस, सीबीआई और किसी को नहीं बताया. दूसरा माल्या के खिलाफ जो अरेस्ट वारंट था उसे क्यों बदलवाया. एक आर्थिक भगौड़ा भागने से पहले वित्तमंत्री से 20 मिनट बात करता है. वित्तमंत्री झूठ बोलते हैं कि वह मुझे ऐसे ही आकर मिल लिया था. उसने बताया कि वह लंदन जाने वाला है. इस मुद्दे पर वित्तमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- गरीबों के पैदल पलायन के लिए सरकार जिम्मेदार, नागरिकों की ये हालत करना अपराध

पुनिया ने ये भी कहा
इसके पहले पीएल पुनिया ने कहा, एक अप्रैल 2016 को मैंने संसद के सेंट्रल हॉल में माल्या को जेटली से बात करते देखा. माल्या ज्यादातर संसद में नहीं आते हैं. लेकिन मैंने उस दिन देखा कि वह लगभग 20 मिनट तक जेटली से बात कर रहे थे. इसके दो दिन बाद माल्या के देश छोड़कर जाने की खबर मिली. इसके बाद से हर डिबेट में मैं ये कहता रहा कि माल्या के देश छोड़कर जाने से पहले उसने वित्तमंत्री से बात की है.

पुनिया ने किया था ट्वीट
इसके पहले पीएल पुनिया ने राहुल गांधी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा, अरुण जेटली झूठ बोल रहे हैं. विजय माल्या को देश से बाहर जाने देने के दो दिन पहले मैंने खुद माल्या को जेटली के साथ संसद के सेंट्रल हॉल में लंबी मिटिंग करते देखा था. चौकीदार सिर्फ भागीदार नहीं है, वह गुनाहगार भी है.

राहुल गांधी ने किया था ट्वीट
बता दें कि इससे पहले कांग्रस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में स्वंतत्र जांच का आदेश देना चाहिए और जांच होने तक जेटली को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, लंदन में माल्या की ओर से लगाए गए अति गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रधानमंत्री को तुरंत स्वतंत्र जांच का आदेश देना चाहिए. जब तक जांच चलती है तब तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से हट जाना चाहिए.

माल्या का दावा, वित्त मंत्री से मिला था
माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिले थे. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.

वित्त मंत्री ने बताया झूठ
वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था. जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था.जेटली ने कहा कि क्योंकि माल्या राज्यसभा सांसद थे और कभी कभार संसद भी आते थे. एक बार उन्होंने इस पद का तब दुरुपयोग किया जब मैं सदन से बाहर निकलकर कमरे जा रहा था. वह तेजी से मेरे पास आए और कहा कि समझौते को लेकर मेरे पास एक ऑफर है. लेकिन उनके फर्जी दावों को जानते समझते हुए मैंने कहा कि मुझसे बात करने का कोई फायदा नहीं है. उन्हें बैंकों से बात करनी चाहिए. मैंने उनसे वो पेपर भी नहीं लिए जो उनके हाथ में थे.