नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयानों को सोशल मीडिया के यूजर्स अक्सर तोड़-मरोड़कर पेश करते रहते हैं. कई बार सही बयानों को भी गलत तरीके से पेश कर दिया जाता है. लेकिन आज खुद राहुल गांधी ने ही कुछ ऐसा डाला, जिसके कारण वे ट्रोल करने वालों की लिस्ट में आ गए. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस के राष्ट्रीय ओबीसी प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शीतलपेय कंपनी कोका-कोला के निर्माता पहले शिकंजी बेचते थे. यही नहीं, राहुल गांधी ने यह भी कहा कि फास्ट फूड बनाने वाली अमेरिकी कंपनी मैक्डोनाल्ड के मालिकान पहले ढाबा चलाते थे. राहुल गांधी की इन तथ्यात्मक भूलों की सोशल मीडिया पर काफी खिंचाई हो रही है. राहुल गांधी के बयान से इतर, तथ्य यह है कि 1886 में स्थापित कोका-कोला कंपनी के निर्माता सोडा के साथ मिश्रित एक प्रकार का शीतलपेय बेचते थे. अमेरिकी फार्मासिस्ट जॉन पेम्बर्टन ने इस शीतलपेय की खोज की थी, जिसे बाद में कोका-कोला के नाम से दुनियाभर में जाना गया.

सोशल मीडिया पर खूब उड़ा मजाक
कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के सम्मेलन में राहुल गांधी की तथ्यात्मक भूल का सोशल मीडिया, खासकर टि्वटर पर यूजर्स ने खूब मजाक उड़ाया. टि्वटर पर #AccordingToRahulGandhi शीर्षक ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने शिकंजी बेचने वालों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए टि्वटर पर लिखा, ‘कोका-कोला के निर्माता अपने शुरुआती दिनों में शिकंजी बेचते हुए.’ वहीं कुछ लोगों ने कोका-कोला कंपनी की स्थापना से संबंधित जानकारी शेयर करते हुए राहुल गांधी के बयान को पोस्ट करते हुए लिखा है कि अब कांग्रेस आईटी सेल को जॉन पेम्बर्टन के विकीपीडिया वाले पेज को संशोधित कराना चाहिए. एक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि राहुल गांधी के अनुसार अमेरिकी कंपनी एप्पल के स्टीव जॉब्स बचपन में सेब बेचा करते थे. वहीं, मैक्डोनाल्ड संबंधी बयान पर भी टि्वटर यूजर्स ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान का मखौल उड़ाया है. मैक्डोनाल्ड के प्रतीक के साथ ग्रामीण की तस्वीर शेयर करते हुए यूजर्स ने इसे राहुल के बयान से जोड़ा है.

पीएम मोदी के खिलाफ खूब छोड़े तीर
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के ओबीसी प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं को दिए गए अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ खूब जुबानी तीर छोड़े. राहुल गांधी ने कहा, ‘यह झूठ है कि ओबीसी जाति में कुशल लोगों की कमी है. ओबीसी समुदाय में स्किल्ड लोगों की कोई कमी नहीं है. इस जाति-समुदाय के लोग भी प्रतिभाशाली हैं. लेकिन उनके पास पैसे का अभाव है. केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर इस वर्ग, छोटे कारोबारियों और किसानों के लिए बैंक के दरवाजे नहीं खोल रही है. इसीलिए इस जाति और समुदाय के लोगों को तंगी से जूझना पड़ता है.’ केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘भाजपा की नीति स्पष्ट है. सिर्फ 15-20 अमीर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाओ ताकि वह हजारों करोड़ रुपए पीएम मोदी को दें.’

बोलने से डरते हैं भाजपा के सांसद
केंद्र सरकार, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा व संघ के गठजोड़ पर भी राहुल गांधी ने ओबीसी प्रकोष्ठ के सम्मेलन के दौरान जमकर हमले किए. उन्होंने कहा कि देश में भाजपा ने ऐसा माहौल बना दिया है कि खुद उस पार्टी के सांसद भी बोलने से डरते हैं. राहुल गांधी ने कहा, ‘आज हर व्यक्ति बोलने से डर रहा है. भाजपा के सांसद भी बोलने से डरते हैं. किसी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. लेकिन हम जैसे जो लोग बोलते हैं, भाजपा उनकी नहीं सुनती.’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारे देश में आजकल सिर्फ दो या तीन भाजपा नेताओं या फिर आरएसएस की मनमानी चल रही है.’ बेरोजगारों को नौकरी देने के वादे की याद दिलाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन पार्टी अपने वादे पर खरी नहीं उतरी. यही वजह है कि पीएम नरेंद्र मोदी आजकल अपने भाषणों में रोजगार का जिक्र नहीं करते.