नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन एक मात्र उपाय नहीं है. अगर कोरोना को रोकना है तो ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने होंगे, वरना स्थिति हाथ से निकल जाएगी. राहुल गांधी ने कहा कि ये आलोचना नहीं है. इसे सुझाव माना जाए. वहीं राहुल गांधी की इस बात का भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जवाब दिया है. आईसीएमआर ने अपनी जांच रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि जांच का अनुपात कम नहीं है और 736 जिलों में से 325 में कोविड-19 संक्रमण का कोई मामला नहीं है. इसी बीच भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 13 हज़ार के करीब पहुंच गई है. Also Read - बिहार में 23 अक्टूबर को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव साथ में रैली करेंगे, ये है कार्यक्रम

उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 28 जिले ऐसे हैं जिनमें पहले कोविड-19 के संक्रमण के मामले आए और पिछले 14 दिन में कोई नया मामला नहीं आया है. सरकार ने कहा कि भारत को बृहस्पतिवार को चीन से कोविड-19 की जांच के लिए पांच लाख रैपिड टेस्ट किट भी प्राप्त हुई हैं जिनका लंबे समय से इंतजार था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस के कारण अब तक 420 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 12,759 पर पहुंच गयी है. बुधवार शाम से संक्रमण के 826 और इससे मौत के 28 नये मामले सामने आए. मंत्रालय के अनुसार इनमें से 1514 लोग ठीक हो चुके हैं. Also Read - ICMR का बड़ा बयान, कहा- कोरोना के इलाज में अब प्लाज्मा थेरेपी बेअसर, उपचार प्रोटोकॉल से हटाने की योजना

हालांकि, विभिन्न राज्यों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के संकलन के आधार पर तैयार की गई पीटीआई की तालिका के मुताबिक, कोविड-19 के मामले 13,000 को पार कर गये हैं और 436 लोगों की मौत हुई हैं. आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक रमन आर गंगाखेड़कर ने कोविड-19 के परीक्षण को लेकर एक रिपोर्ट के हवाले से बताया, ‘‘ जापान में औसतन 11.7 लोगों के परीक्षण पर एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हो रही है. वहीं, संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित देश इटली में 6.7, अमेरिका में 5.3 और ब्रिटेन में 3.4 लोगों के परीक्षण पर एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हो रही है. जबकि, भारत में औसतन 24 लोगों के परीक्षण पर एक संक्रमित मरीज मिल रहा है.’’ स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये अपनायी गयी रणनीति को कारगर बताते हुये बृहस्पतिवार को कहा कि देश में कोविड-19 का परीक्षण जरूरत के मुतबिक पर्याप्त संख्या में हो रहा है. Also Read - कोरोना से लड़ने में PM मोदी की अपील को मंत्र बनाएं देश के लोग: अमित शाह

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कोरोना वायरस संकट के खिलाफ अभियान की जानकारी देते हुये बताया कि देश के 325 जिले संक्रमण मुक्त हैं. इसके अलावा 17 राज्यों में संक्रमण से प्रभावित 27 जिलों में पिछले 14 दिन से एक भी संक्रमित मरीज नहीं मिला है, साथ ही पुडुचेरी के माहे जिले में पिछले 28 दिनों में संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है. उन्होंने कहा ‘‘ इससे स्पष्ट है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये लागू किये गये लॉकडाउन (बंद) के अब परिणाम मिलने लगे हैं. ’’ भारत में अन्य देशों की तुलना में संक्रमण के कम मामलों के पीछे कोरोना वायरस की जांच कम होने के आरोप को गलत बताते हुए सरकार की ओर कहा गया कि भारत, परीक्षण के मामले में तार्किक रणनीति अपनाकर आगे बढ़ रहा है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि लॉकडाउन से कोरोना संकट का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि बड़े पैमाने पर और रणनीतिक रूप से जांच तथा पूरे देश के एकजुट होकर लड़ने से ही से इस वायरस को पराजित किया जा सकता है. उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवादाताओं से कहा कि कोरोना के खिलाफ अभी से विजय की घोषणा करना नुकसानदेह हो सकता है क्योंकि यह लंबी लड़ाई है. उन्होंने कहा, “मैं आलोचना के लिए नहीं, रचनात्मक सहयोग के लिए टिप्पणी कर रहा हूं. सभी राजनीतिक दलों और जनता को इस संकट से मुकाबले को मिलकर काम करना होगा.” गंगाखेड़कर ने आंकड़ों के आधार पर कहा कि अमेरिका, इटली, ब्रिटेन और जापान जैसे देशों की तुलना में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान के लिये भारत में न सिर्फ ज्यादा परीक्षण हो रहे हैं, बल्कि ये परीक्षण तार्किक और विवेकपूर्ण तरीके से किये जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि भारत को चीन से पांच लाख रेपिड टेस्टिंग किट मिल गयी हैं. उन्होंने बताया ‘‘दो किस्म की इन किट का इस्तेमाल सभी मरीजों में संक्रमण की पुष्टि के लिये नहीं किया जायेगा. यह किट कम से कम 14 दिन पुराने संक्रमित मरीज में एंटीबॉडी की पहचान करती है, इसलिये इसका इस्तेमाल, चिन्हित किये गये हॉटस्पॉट क्षेत्रों में संक्रमण की निगरानी करने के लिये किया जायेगा, जिससे यह पता चल सके कि संक्रमण की अधिकता वाले इलाकों में वायरस के संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं या नहीं. ’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से बढ़ाकर तीन मई तक करने की घोषणा के बाद बुधवार को गृह मंत्रालय ने संक्रमण की अधिकता वाले 170 हॉटस्पॉट जिले और 207 संभावित हॉटस्पॉट जिलों को चिन्हित कर इनमें सघन संक्रमण रोधी अभियान चलाने के राज्य सरकारों को निर्देश दिये हैं. अग्रवाल ने कहा कि 20 अप्रैल तक संक्रमण मुक्त 325 जिलों सहित देश के अन्य सभी जिलों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उपायों का सख्ती से पालन और आंकलन किया जा रहा है.

संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्रालय ने सभी राज्यों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, सामाजिक दूरी कायम करने और पांच या इससे अधिक लोगों के जमा नहीं होने जैसे नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिये कहा है. श्रीवास्तव ने कहा ‘‘ राज्यों से कहा गया है कि सार्वजनिक स्थान और कार्यस्थलों पर थूकने या गंदगी फैलाने जैसे प्रवृत्ति को सख्ती से रोका जाये. साथ ही लॉकडाउन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शराब, गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर पाबंदी रहनी चाहिए. ’’ उन्होंने कहा कि कार्यस्थलों पर शरीर का तापमान जांचने के लिए स्क्रीनिंग और हैंड सैनेटाइजर्स का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए. श्रीवास्तव ने कहा कि राज्यों से मंत्रालय द्वारा जारी दिशनिर्देशों के मुताबिक यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि बुजुर्ग, खासकर जो पहले से बीमार हैं, और छोटे बच्चे को घर पर ही रहें.