नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल में किसानों की खुदकुशी का मुद्दा उठाते हुए गुरुवार को लोकसभा में कहा कि देश में अन्नदाताओं की स्थिति दयनीय है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करना चाहिए. इस पर रक्षा मंत्री और सदन के उपनेता राजनाथ सिंह ने कहा कि किसानों की इस स्थिति के लिए लंबे समय तक रहीं सरकारें जिम्मेदार हैं और नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं. Also Read - राहुल गांधी ने अनुराग कश्‍यप और तापसी पन्‍नू पर IT Raid को लेकर सरकार पर कसा तंज

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान राहुल गांधी ने किसानों का मुद्दा उठाया और कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड में कर्ज की अदायगी नहीं कर पाने के कारण बुधवार को एक किसान ने खुदकुशी कर ली. केरल में पिछले डेढ़ साल में 18 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि किसानों से कर्ज वसूली के लिए नोटिए दिए जा रहे हैं. केरल की सरकार ने कर्ज वसूली पर रोक लगाने का आग्रह किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस बारे में रिजर्व बैंक से नहीं कहा. Also Read - दादी इंदिरा गांधी के इमरजेंसी को राहुल गांधी ने बताया गलती, कहा- 'उस दौरान जो भी हुआ वह गलत लेकिन...'

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में मोदी सरकार ने बड़े उद्योगपतियों के 5.5 लाख करोड़ रुपये माफ किए, लेकिन किसानों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि बजट में किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल पहले किसानों से वादे किए थे, अब सरकार को उन वादों को पूरा करना चाहिए. Also Read - Rahul Gandhi Push-ups Video: राहुल गांधी एक साथ किए 15 पुश अप्स, छात्र को मार्शल आर्ट के स्टेप भी बताए, देखें VIDEO

इसके जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि किसानों की जो हालत है वो पिछले कुछ साल में नहीं हुई. इस हालत के लिए लंबे समय तक सरकारों में रहने वाले लोग जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की खुदकुशी के सबसे ज्यादा मामले पहले की सरकारों के दौरान आए. हमारी सरकार ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने सहित कई महत्वपूर्ण पहल की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से किसानों के हित में कई कदम उठाए गए, जिनमें सभी किसानों को सालाना 6,000 रुपये देने का कदम शामिल है. राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों की खुदकुशी के मामलों में कमी आई है. इसके बाद सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच नोकझोंक देखने को मिली.