नई दिल्ली : तीन कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को लेकर सालभर से चल रहे आंदोलन (Farmer’s Agitation) के बाद आखिरकार सरकार ने तीनों कानूनों को वापस ले लिया. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुरु पर्व के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में यह घोषणा की और फिर संसद के शीतकालीन सत्र (Winter Session of Parliament) में दोनों सदनों से इन कानूनों को वापस (Farm Laws Repealed) लेने पर मुहर भी लग गई. इस बीच किसान संगठन और विपक्ष आंदोलन के दौरान 700 किसानों के मारे जाने की बात करता रहा है और उनके लिए मुआवजे की मांग भी उठती रही है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने हाल ही में संसद में बयान दिया था कि आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के बारे में कोई डेटा नहीं है, इसलिए मुआवजा नहीं दिया जा सकता. इस पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उनके पास मारे गए किसानों लिस्ट होने का दावा किया था. यही दावा उन्होंने मंगलवार को लोकसभा में भी किया और उनके परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की.Also Read - UP Election: टिकट के लिए पति-पत्नी, बाप-बेटी तो कहीं भाई-भाई में टकराव, अमेठी राजघराने की दो रानियों में जंग

राहुल गांधी ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग मंगलवार को लोकसभा में भी उठाई और कहा कि सरकार को इन किसान परिवारों को उनका अधिकार देना चाहिए. उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान इस विषय को उठाया और लोकसभा के पटल पर करीब 500 किसानों की एक सूची भी रखी और दावा किया कि इन लोगों ने किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई है. Also Read - UP Election 2022: योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में घर-घर मांगे वोट, कैराना और हज हाउस का ज़िक्र किया

उन्होंने कहा, ‘पूरा देश जानता है कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसान शहीद हुए. प्रधानमंत्री जी ने देश और किसानों से माफी मांगी. प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने गलती की है. 30 नवंबर को कृषि मंत्री से सवाल (लोकसभा में लिखित प्रश्न) पूछा गया था कि कितने किसानों की मौत हुई. उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास कोई डेटा नहीं है.’ Also Read - Uttarakhand Assembly Election 2022: कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए 53 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की, हरिश रावत का नाम नहीं शामिल

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘हमने इन किसानों के बारे में पता लगाया. पंजाब की सरकार ने राज्य के करीब 400 किसानों को मुआवजा दिया है. मैं इन किसानों की सूची और प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले हरियाणा के कुछ किसानों की एक सूची सदन के पटल पर रख रहा हूं.’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ये नाम यहां हैं. मैं चाहता हूं कि इन किसानों को हक मिले. उनके परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए.’

गौरतलब है कि सरकार ने गत 30 नवंबर को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के आसपास कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मृत किसानों की संख्या संबंधी आंकड़ा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पास नहीं है.

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी थी. राजीव रंजन सिंह, टी आर प्रतापन, एन के प्रेमचंद्रन, ए एम आरिफ, डीन कुरियाकोस, प्रो. सौगत राय और अब्दुल खालीक ने पूछा था कि तीन कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के आसपास आंदोलन के दौरान कितने किसानों की मौत हुई. तोमर ने कहा, ‘कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के पास इस मामले में कोई आंकड़ा नहीं है.’

(इनपुट – पीटीआई)