नई दिल्ली: देश में बीते दिनों कृषि बिल-2020 (Farm Bill 2020) को राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई. ऐसे में जब से इस बिल को लोकसभा में पास किया गया था तभी से किसानों द्वारा व कई राजनीतिक दलों द्वारा विरोध किया गया. इस बिल काविरोध कांग्रेस पार्टी द्वारा भी किया जा रहा है. इस बाबत राहुल गांधी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह अंग्रेजों का कानून है. राहुल गांधी ने इस बिल के खिलाफ नाराजगी भी जाहिर की. Also Read - भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही हैं, नीयत, योगी राज में विकास का पहिया थम गया है : अखिलेश

राहुल गांधी ने कहा कि तीन कृषि किसान और नोटबंदी-जीएसटी में कोई फर्क नहीं है. पहले पैर में कुल्हाड़ी मारी गई और अब दिल में चोट दी गई. मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इन्हें ये बात समझ नहीं आएगी कि ये लोग अंग्रेजों के साथ खड़े थे. इस पर एक किसान ने राहुल गांधी से बात करते हुए का कि इस कानून से सिर्फ निजी कंपनियां मुनाफा कमाएंगी. किसान तो मजबूर बनकर रह जाएगा. Also Read - एकनाथ खडसे ने भाजपा छोड़ कहा- देवेंद्र फडणवीस ने मेरा जीवन बर्बाद किया, NCP में शामिल होऊंगा

राहुल गांधी ने इसपर बोला कि भट्टा परसौल में जब मैंने लड़ाई लड़ी तो मेरे उपर हमला किया गया. बता दें कि संसद में कृषि बिल के पास होने के बाद से ही लगातार इसका विरोध हो रहा है. कई राजनीतिक दल व किसान संगठन इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन भी कर चुके हैं. वहीं इसी कारण NDA से शिरोमणी अकाली दल ने खुद को अलग भी कर लिया. Also Read - बिहार में 23 अक्टूबर को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव साथ में रैली करेंगे, ये है कार्यक्रम