नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को डोकलाम मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया और उम्मीद जताई कि स्थिति से निपटने के लिए ‘56 इंच वाले शक्तिशाली’ व्यक्ति के पास कोई तो योजना होगी. राहुल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चीन ने सोमवार को यह दावा किया कि डोकलाम उसका है और भारत ने पिछले साल की तनातनी से ‘सबक सीख लिया होगा.Also Read - पंजाब के पहले दलित सीएम बनेंगे Charanjit Singh Channi, दो डिप्टी सीएम भी लेंगे शपथ, ऐसा होगा शपथ ग्रहण समारोह...

कांग्रेस अध्यक्ष ने चीन के बयान की ओर ध्यान दिलाते हुए ट्वीट कर कहा कि पिछले सप्ताह हजारों लोगों ने मेरे ट्विटर सर्वेक्षण में भाग लिया. 63 प्रतिशत का मानना था कि मोदीजी डोकलाम मुद्दे से निबटने के लिए हगप्लोमेसी (गले लगाने की कूटनीति) अपनाएंगे, आरएम (रक्षा मंत्री) पर आरोप लगाएंगे और सार्वजनिक तौर पर हल्ला मचाएंगे. Also Read - आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे चरणजीत सिंह चन्नी, राहुल गांधी ने दी बधाई, बोले- वादों को पूरा करना जारी रखना है

Also Read - BJP ने पूछा- अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए, सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका आप चुप क्‍यों?

राहुल ने कहा कि भारत के लिहाज से मैं आशा करता हूं कि आप गलत हों और हमारे 56 इंच के शक्तिशाली व्यक्ति के पास कोई योजना होगी. भारत और चीन के सैनिकों के बीच पिछले साल सिक्किम के पास डोकलाम में 73 दिनों तक तनातनी चली थी. इससे पहले भारतीय पक्ष ने चीनी सेना द्वारा विवादास्पद क्षेत्र में सड़क निर्माण को रोक दिया था.

गौरतलब है कि चीन में भारत के राजदूत गौतम बम्बावाले की टिप्पणी के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोंगलोंग (डोकलाम) चीन का हिस्सा है क्योंकि हमारे पास ऐतिहासिक संधिपत्र हैं. यहां चीन की गतिविधियां हमारे सार्वभौम अधिकार के तहत हैं. यथास्थिति बदलने जैसा कुछ भी नहीं है.

चुनयिंग ने कहा, ‘हमारे सम्मिलित प्रयासों और अपनी बुद्धिमत्ता के कारण पिछले साल हमने इस मुद्दे को ठीक से सुलझा लिया. हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष इससे कुछ सबक लेगा और ऐतिहासिक संधिपत्रों को मानेगा. साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए चीन के साथ मिल कर काम करेगा कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर वातावरण अनुकूल हो.

बता दें कि भारतीय राजदूत ने हॉंगकांग के ‘साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट’ से साक्षात्कार में डोकलाम गतिरोध के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा था कि चीन ने यथास्थित बदलने की कोशिश की थी इसीलिए ऐसा हुआ था और उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था.