नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुरुवार के दिन संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया. इस दौरान उन्होंने लोकसभा में स्पीकर की अनुमति के बिना ही कृषि कानूनों (Lok Sabha Speaker) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की मौत पर 2 मिनट का मौन रखवाया.Also Read - Bharat Jodo Yatra: जयराम रमेश ने कहा- नए नहीं, यही असली राहुल गांधी हैं

लोकसभा स्पीकर हुए नाराज Also Read - राहुल ने बांधे सोनिया गांधी के जूतों के फीते तो सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, लोग बोले- मोदी करें तो 'स्टंट', कांग्रेस करे तो 'प्यार' कैसे?

राहुल गांधी द्वारा संसदीय मर्यादा को तोड़ने और बगैर स्पीकर की अनुमति के मौन रखवाने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नाराज हो गए और उन्होंमने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी मेरी है. मेरी अनुमति के बगैर ऐसा नहीं होना चाहिए. ओम बिरला ने राहुल गांधी की इस हरकत को लेकर कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है और अगर मौन रखवाना चाहते थे तो पहले आपको अनुमति लेनी चाहिए थी. Also Read - Bharat Jodo Yatra में शामिल हुईं सोनिया गांधी, राहुल के साथ किया कदमताल; कांग्रेस नेता बोले- हमारे लिए ये एतिहासिक पल

बता दें कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने बजट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और केवल किसान के मुद्दों पर बोला. उन्होंने कहा कि जो किसान शहीद हुए हैं उनको श्रद्धांजलि नहीं दी गई है. मैं भाषण के बाद 2 मिनट के लिए उन किसानों के लिए मौन रखूंगा जिनकी मौत किसान आंदोलन के दौरान हुई है. आप मेरे साथ खड़े होइए, इसके बाद सदन में कांग्रेस सदस्यों ने मौन धारण किया.

कांग्रेस का वॉकआउट

राहुल गांधी द्वारा सदन की मर्यादा तोड़े जाने पर जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई तो इससे राहुल गांधी नाराज हो गए और उन्होंने सदन से वॉकआउट किया. बता दें कि संसद में किसी भी का को करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति लेनी होती है, क्योंकि संसद को ईमानदारी से परस्पर चलाने की जिम्मेदारी लोकसभा अध्यक्ष की होती है.