नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई से मांग की है कि नीट के करीब दो लाख परीक्षार्थियों के ‘डेटा में सेंध लगने’ के मामले में जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. उन्होंने सीबीएसई प्रमुख अनीता करवाल को लिखे पत्र में यह भी कहा है कि बोर्ड यह सुनिश्चित करे कि आगे से इस तरह छात्रों की निजता के साथ समझौता नहीं होगा.

गांधी ने कहा, ‘मैं उस हालिया मीडिया रिपोर्ट की ओर आपका ध्यान आकर्षिक करना चाहता हूं जिसमे कहा गया है कि नीट के परीक्षार्थियों के निजी डेटा में बड़े पैमाने पर सेंध लगाई गई और दो लाख छात्रों का डेटा कुछ वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं इतने बड़े पैमाने पर छात्रों का निजी डेटा की चोरी से स्तब्ध हूं. यह परीक्षार्थियों की निजता की सुरक्षा में गंभीर खामी को दर्शाता है और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाये रखने की सीबीएसई की क्षमता पर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है.’

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे ऐसा नहीं होगा. इससे पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि एमबीबीएस में प्रवेश के लिए नीट पास कर काउंसलिंग की तैयारी कर रहे छात्रों का डेटा ऑनलाइन बिक रहा है. कई वेबसाइट इस डेटा को मुंहमांगी कीमत पर निजी कॉलेजों एवं दलालों को बेच रही हैं. कम से कम चार वेबसाइट का पता चला है, जिस पर यह डेटा बेचा जा रहा है. खास बात ये है कि अपने क्लाइंट को डेटा की सत्यता जांचने का मौका देने के लिए ये वेबसाइट पांच छात्रों के मोबाइल नंबर मुफ्त देखने की सुविधा देती हैं. हालांकि, पूरी लिस्ट लेने के लिए उन्हें भुगतान करने को कहा जाता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में नीट काउंसलिंग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि केंद्र के स्तर पर डाटा पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने आशंका जताई कि राज्य के मेडिकल शिक्षा निदेशालयों से यह डाटा लीक हुआ होगा.