राहुल को अपना नाम बदलकर 'इलेक्शन गांधी' रख लेना चाहिए क्योंकि..., जानें कांग्रेस नेता को किसने दे डाली यह सलाह

साल 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान पिछड़े वर्गों से किए गए वादों को पूरा न करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए KTR ने पिछड़े वर्गों की घोषणा को 100% झूठ बताया.

Published date india.com Updated: February 5, 2025 1:46 PM IST
Rahul Gandhi

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Ganhi) पर जमकर निशाना साधा है. KTR ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर ‘इलेक्शन गांधी’ रखने की सलाह दे डाली. साल 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान पिछड़े वर्गों से किए गए वादों को पूरा न करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए KTR ने पिछड़े वर्गों की घोषणा को 100% झूठ बताया. विधानसभा सत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए BRS नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि कांग्रेस सरकार ने पिछड़ा वर्ग से संबंधित घोषणा के नाम पर बेशर्मी से ‘झूठ फैलाया.’

‘घोषणा के नाम पर बेशर्मी से झूठ फैलाया’

केटीआर ने लिखा, ‘झूठ! बहुत झूठ! झूठ के अलावा कुछ नहीं! कल के विधानसभा सत्र ने तेलंगाना के लोगों को दो चीजें साफ कर दीं – एक विफल सरकार, जिसमें कोई स्पष्टता नहीं है, और झूठ जो आपने पिछड़े वर्गों से संबंधित घोषणा के नाम पर बेशर्मी से फैलाया.’

क्या है पूरा मामला?

KTR ने विधानसभा में पेश जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हालांकि सरकार को कल पेश किए गए आंकड़ों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यह साफ है कि 42 प्रतिशत पिछड़े वर्ग आरक्षण की दिशा में काम करने का आपका कभी इरादा नहीं था. आपकी कांग्रेस सरकार का यू-टर्न लेना और फिर बेशर्मी से केंद्र सरकार पर जिम्मेदारी डालना यह दिखाता है कि आप कितने प्रतिबद्ध हैं. एक बार फिर साबित हो गया कि आपकी सभी गारंटी, वादे और घोषणाएं सिर्फ राजनीतिक दिखावे के अलावा कुछ नहीं हैं.’

कांग्रेस की क्या थी घोषणा?

केटीआर ने राहुल गांधी से कहा, ‘आपको अपना नाम बदलकर ‘इलेक्शन गांधी’ रख लेना चाहिए. आपकी पिछड़े वर्ग को लेकर की गई घोषणा पूरी तरह से झूठ है और आपकी प्रतिबद्धता सिर्फ दिखावा है.’ विधानसभा चुनाव के दौरान कामारेड्डी में की गई पिछड़े वर्ग की घोषणा में कांग्रेस ने सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग आरक्षण को 23% से बढ़ाकर 42% करने का वादा किया था. कांग्रेस ने सरकारी सिविल निर्माण और रखरखाव अनुबंधों में भी पिछड़ों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था.

विधानसभा में KTR ने कांग्रेस सरकार पर 42 प्रतिशत आरक्षण के लिए विधेयक पेश करने में विफल रहने का आरोप लगाया था और कहा कि उन्होंने ‘कामारेड्डी बीसी घोषणा’ बैठक में किए गए वादे के मुताबिक पिछड़ों को धोखा दिया है.

(इनपुट: IANS)

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