नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर मंगलवार को उन पर फिर हमला किया. राहुल ने कहा कि मोदी ने व्यक्तिगत रूप से फ्रांस के साथ बातचीत की और इस दौरान रहे चारों रक्षामंत्रियों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी.

राहुल ने एक श्रंखलाबद्ध ट्वीट में कहा, “वर्ष 2014 से भारत में चार रक्षामंत्री रह चुके हैं. हमें अब पता चला है कि क्यों. इससे प्रधानमंत्री को फ्रांस के साथ दोबारा बातचीत खुद करने की आजादी मिल गई.” उन्होंने कहा, “भारत के पास चार राफेल मंत्री थे. लेकिन प्रधानमंत्री को छोड़कर उनमें से किसी को नहीं पता था कि वास्तव में फ्रांस में कुछ चल रहा है. लेकिन वे इस बारे में बोलेंगे नहीं.”

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का एक नोटिस मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को सौंपा. यह नोटिस फ्रांस से खरीदे गए राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत न बताकर संसद को कथित तौर पर गुमराह करने पर दिया गया है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में कहा है, “मैं लोकसभा में 20 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान भाषण में एक भ्रामक बयान देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार का एक नोटिस देना चाहता हूं.”

उन्होंने पत्र में कहा है, “प्रधानमंत्री ने कहा था कि राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की कीमत का खुलासा करने की मांग राष्ट्रहित के खिलाफ है और इस बारे में भारत सरकार और फ्रांस सरकार के बयान विरोधाभाषी थे.” उन्होंने कहा कि समझौते में पारदर्शिता का प्रधानमंत्री का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत, असत्य और जानबूझकर सदन को गुमराह करने के इरादे से किया गया.