Rail Roka Movement: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिल का पंजाब और हरियाणा में काफी विरोध देखने को मिल रहा है. कृषि विधेयकों के विरोध में किसान समिति द्वारा गुरुवार सुबह से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रात तक जारी रहा. हजारों की संख्या किसानों ने रेलवे ट्रैक पर तंबू लगाकर केंद्र सरकार से बिल को वापस करने की मांग की. वहीं विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने पंजाब रूट की 13 जोड़ी गाड़ियों को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है.Also Read - Indian Railway Recruitment 2022: भारतीय रेलवे में इन पदों पर आई भर्ती, 10वीं पास अभ्यर्थी करें आवेदन

किसान बिल को लेकर पंजाब हरियाणा सहित देश के कई हिस्सों में किसानों का गुस्सा देखने को मिल रहा है. गुरुवार को जहां एक ओर विरोध प्रदर्शन की वजह से रेलवे सेवाएं बाधित हुईं वहीं आज माना जा रहा है किसान राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी अपना प्रदर्शन करेंगे. बड़े पैमानें पर प्रोटेस्ट की वजह से केंद्र और राज्य सरकारों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. Also Read - India Railways/IRCTC: ट्रेन में यात्रा करते समय रात में की ये हरकत तो होगी कार्रवाई, जानिए रेलवे का नया नियम

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पंजाब में तकरीबन 30 से ज्यादा किसान संगठनों ने आज यानी 25 सितंबर को कृषि बिलों के विरोध में संयुक्त राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है. संगठनों ने कृषि बिल के विरोध में पूरी तरह से ‘पंजाब बंद’ का आह्वान किया है. ऐसे में पंजाब गृह विभाग ने भी सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और बंद के दौरान तमाम सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. हालात बिगड़ने पर डिप्टी कमिश्नर जरूरत पड़ने पर धारा 144 लगा सकते हैं.

पंजाब में किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि इन विधेयकों के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म करने का रास्ता साफ हो जाएगा और वे बड़े पूंजीपतियों की ‘दया’ पर निर्भर हो जाएंगे.

राज्यसभा में आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020, किसान उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (प्रोत्साहन एवं सुविधा) विधेयक 2020 तथा किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन का समझौता एवं कृषि सेवा विधेयक 2020 पारित हो चुका है.