Railways: रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा है. इसी बीच रेलवे की तरफ से प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत पर सफाई दी गई है और कहा गया है कि सोच समझकर टिकट की कीमत बढ़ाई गई है. रेलवे की ओर से पुणे जंक्शन द्वारा प्लेटफार्म टिकट (Railway Station Platform Ticket) का मूल्य 50 रुपये रखने के बारे में रेलवे का कहना है कि इसका एकमात्र उद्देश्य अनावश्यक रूप से स्टेशन पर आने वालों पर रोक लगाना है जिस से सोशल डिसटेनसिंग का पालन किया जा सके. Also Read - 21 सितंबर से चलेंगी 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें, बिहार के लोगों को विशेष सुविधा, 19 से बुकिंग शुरू

सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर हंगामा मचा है कि कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में ही रेलवे ने करीब 250 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतें पांच गुना तक महंगी कर दी है. रेलवे ने इनका दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है. Also Read - Indian Railway Recruitment 2020: रेलवे में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, 44000 मिलेगी सैलरी, बस होना चाहिए ये क्वालीफिकेशन

जिसके बाद रेलवे ने कहा है कि ऐसा यात्रियों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया गया है. कोरोना वायरस के चलते स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है.

प्लेटफॉर्म टिकट से आप दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर रह सकते हैं अर्थात आपको दो घंटे तक अपने परिजनों को प्लेटफॉर्म तक छोड़ने या उन्हें वहां से लेने की अनुमति मिलती है. इसे आप ऑनलाइन यूटीएस ऐप के जरिए ही खरीद सकते हैं.

एएनआइ के मुताबिक पश्चिम रेलवे के सभी छह डिविजन- मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट, रतलाम और भावनगर में प्लेटफॉर्म टिकट की दर बढ़ाई गई है. इस संदर्भ में रेलवे प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि पुणे जंक्शन द्वारा प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपये रखने का उद्देश्य अनावश्यक रूप से स्टेशन पर आने वाले लोगों पर रोक लगाना है.इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकेगा.

रेलवे बोर्ड (Indian Railway Board) के अध्यक्ष वीके यादव  (VK Yadav) का कहना है कि डिवीजनल रेलवे प्रबंधकों को प्लेटफॉर्म टिकट से जुड़े निर्देश जारी किए गए हैं. कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के दौरान स्टेशनों पर डिवीजनल रेलवे प्रबंधक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्लेटफॉर्म टिकट का किराया बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं.