नई दिल्ली: रेलवे ने दो साल के असमंजस के बाद अंतत: अपनी फ्लेक्सी किराया नीति में व्यापक बदलाव करने का फैसला कर लिया है. हालांकि, इस प्रस्ताव को रेल मंत्री पीयूष गोयल की स्वीकृति का इंतजार है. Also Read - जीसी मुर्मू देश के नए CAG नियुक्त, एक दिन पहले ही छोड़ा था उप राज्यपाल का पद

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आम चुनावों से पहले इस बदलाव से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें इस योजना के तहत कई बार कुछ सेक्टरों में ट्रेनों के लिए विमान यात्रा के किराये के हिसाब से भुगतान करना होता है. सूत्रों ने कहा कि हालांकि यह राहत चुनिंदा प्रीमियम ट्रेनों में मिलेगी जिनमें यात्रियों की बुकिंग में काफी कमी आई है. सूत्रों के अनुसार ये ट्रेनें बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के मार्गों पर चलने वाली हो सकती हैं. Also Read - एनएफएआई में फिल्मों की 31 हजार से अधिक रीलें क्षतिग्रस्त हो गईं या खो गई: कैग

रेल मंत्रालय के सूत्रों ने संकेत दिया कि इस संबंध में फैसला जल्द कर लिया जाएगा. गोयल के निर्देश पर रेलवे ने पिछले साल डायनामिक किराया प्रणाली की समीक्षा करने के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन उन्होंने समिति की रिपोर्ट को नामंजूर कर दिया था.

रेलवे में जारी रहेगी फ्लेक्सी फेयर योजना, सीएजी ने लगाई थी फटकार

सूत्रों के अनुसार एक विकल्प यह अपनाया जा सकता है कि योजना में हमसफर ट्रेनों में इस्तेमाल फार्मूले के अनुसार बदलाव किया जाए जिसमें पहली 50 प्रतिशत बर्थ एसी-3 के आधार मूल्य से 15 प्रतिशत अधिक दर पर बेची जाएंगी. उसके बाद बिकने वाली प्रति 10 प्रतिशत सीटों पर वृद्धि का स्तर बढ़ जाएगा.

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अगस्त महीने में आई एक रिपोर्ट के अनुसार सीएजी ने रेलवे को फ्लेक्सी फेयर स्कीम के लिए कड़ी फटकार लगाई थी. सीएजी ने कहा था कि इस योजना से यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए ‘‘मजबूर’’ होना पड़ रहा है. उसने कहा कि रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों से पहले ही यात्री दूर हो चुके हैं और वे अन्य मेल तथा एक्सप्रेस ट्रेनों से यात्रा करने को तरजीह दे रहे हैं. हालांकि, इसके बाद भी रेलवे ने इसमें बदलाव से इंकार किया था. उसने इन रपटों को भी खारिज किया कि फ्लेक्सी किराया योजना की वजह से कई प्रीमियम ट्रेनों में सीटें खाली रह जाती हैं. रेलवे ने कहा था कि यह योजना प्रीमियम ट्रेनों मसलन राजधानी, दुरंतो तथा शताब्दी के लिए है. इसमें प्रत्येक दस प्रतिशत बर्थ की बुकिंग के बाद मूल किराया दस प्रतिशत बढ़ जाता है. हालांकि, फर्स्ट एसी और एक्जीक्यूटिव श्रेणी की टिकटों पर मौजूदा किराये में बदलाव नहीं होता. फ्लेक्सी किराया योजना सिर्फ 1.5 प्रतिशत मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू है. यह 12,500 ट्रेनों में से सिर्फ 168 ट्रेनों में लगाया जाता है. रेलवे ने 9 सितंबर, 2016 को फ्लेक्सी किराया योजना लागू की थी.

 

इनपुट: एजेंसी