नई दिल्ली. पहले तेजस, फिर हमसफर और इसके बाद शताब्दी और राजधानी ट्रेनों को स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रही भारतीय रेलवे अब ट्रेनों के लिए स्मार्ट कोच ला रही है. रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए ये नई डिजाइन के कोच दुर्घटनाएं रोकने को लेकर कारगर होंगे. रेलवे को उम्मीद है कि इन स्मार्ट कोचों के इस्तेमाल के बाद ट्रेनों के पटरियों से उतरने की घटनाओं में कमी होगी. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्मार्ट कोच में हवाई जहाज की तरह ब्लैक बॉक्स लगाए गए हैं. नेशनल टेक्नोलॉजी डे के अवसर पर बीते 11 मई को रेलवे ने स्मार्ट कोच का अनावरण किया. पारंपरिक रेल कोच से हटकर बनाए गए स्मार्ट कोच के बारे में रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेलवे के इतिहास में ये स्मार्ट कोच गेमचेंजर साबित होंगे. इस स्मार्ट कोच के निर्माण में यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.

पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी यात्रा
रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए स्मार्ट कोच के बारे में फैक्ट्री के जीएम राजेश अग्रवाल ने मीडिया को विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया, ‘पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट कोच में हवाई जहाज की तरह ब्लैक बॉक्स लगाए गए हैं. हवाई जहाज में लगा ब्लैक बॉक्स हादसों को रोक नहीं पाता, बल्कि सिर्फ उसकी जानकारी देता है. लेकिन रेलवे के स्मार्ट कोच में लगा ब्लैक बॉक्स हवाई जहाज से बेहतर है. क्योंकि यह ट्रेन को डिरेल नहीं होने देगा.’ उन्होंने कहा कि रेलवे कोच की दुनिया में यह स्मार्ट कोच गेमचेंजर साबित होगा. अग्रवाल ने बताया, ‘ब्लैक बॉक्स हर वक्त ट्रेन की निगरानी करेगा. अगर कोच में किसी भी प्रकार की कोई खराबी आती है तो यह अलर्ट मैसेज भेज देगा. इससे समय पर कोच की खराबी ठीक की जा सकेगी. इसके अलावा यह कोच में की गई इलेक्ट्रिक वायरिंग को भी चेक करेगा, जिससे शॉर्ट-सर्किट जैसा घटनाओं की रोकथाम हो सकेगी.’

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सेंसर बेस्ड ऑन-बोर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम
रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे बहुत दिनों से सेंसर बेस्ड ऑन-बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OBCMS) पर काम कर रहा है. इसके तहत ट्रेन में आने वाली खराबियों की समय-पूर्व सूचना देना और रनिंग ट्रेन की निगरानी-प्रणाली विकसित करना है. स्मार्ट कोच का निर्माण इसी सोच के साथ किया गया है कि ये कोच न सिर्फ यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराएंगे, बल्कि इन कोचों में उन्हें आरामदायक रेल सफर का आनंद भी मिलेगा. स्मार्ट कोच में लगा ब्लैक बॉक्स इस संदर्भ में काफी लाभकारी होगा. रायबरेली कोच फैक्ट्री के जीएम ने बताया कि ब्लैक बॉक्स के जरिए कोच के एयरकंडीशनिंग सिस्टम की भी आसानी से जांच हो सकेगी. इस सिस्टम की किसी भी खराबी के बारे में यह पहले से बता देगा. वहीं स्मार्ट कोच में ब्लैक बॉक्स के अलावा रियल टाइम वीडियो आउटपुट के साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगे होंगे. साथ ही इसमें पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, इंफोटेनमेंट सॉफ्टवेयर और वाई-फाई एक्सेस भी होगा. स्मार्ट कोच इंटीग्रेटेड सीसीटीवी सिस्टम होगा, जिससे कोच की स्थिति, डायग्नोस्टिक्स, जल प्रबंधन आदि का पता चलेगा.

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कैसे काम करता है ऑन-बोर्ड सेंसर सिस्टम
रायबरेली कोच फैक्ट्री के अधिकारियों के अनुसार OBCMS चलती हुई ट्रेन के हर वाइब्रेशन यानी कंपन को मॉनीटर करता है. ये कंपन कोच के पहियों और उसमें लगी बॉल-बेयरिंग की हर गतिविधि की जानकारी देते हैं. स्मार्ट कोच में लगे ब्लैक बॉक्स से मिली जानकारी के बाद रेलवे कर्मचारी समय रहते ऐसी खराबियों को दूर कर देंगे. फैक्ट्री के विशेषज्ञों के अनुसार, ‘एक बार रेलवे में इस सिस्टम के लग जाने के बाद कोच के साथ-साथ पटरियों की जानकारी मिलेगी. OBCMS पटरियों की सेहत की हर सूचना देंगे. इससे जहां एक तरफ खराब पटरियों को दुरुस्त किया जा सकेगा या हटाया जा सकेगा, वहीं ट्रेनों की यात्रा और सुरक्षित हो जाएगी.’ फैक्ट्री के अधिकारियों के अनुसार भारतीय रेलवे की इस नई तकनीक की दुनिया के कई देशों में बहुत मांग है. इस सिस्टम के लगने से कोच के निर्माण की लागत भी बढ़ती है. स्मार्ट कोच के निर्माण में 15 से 20 लाख रुपए की अतिरिक्त लागत आती है.