Punjab Train service Latest Update: भारतीय रेल ने पंजाब में मालगाड़ियां चलाने की संभावना से शनिवार को मना किया. रेलवे बोर्ड के प्रमुख ने कहा कि वह यात्री एवं मालगाड़ी, दोनों सेवाओं का परिचालन करेंगे या किसी का भी नहीं. आंदोलनकारी किसानों ने 40 दिन तक रेल पटरियों पर धरना देने के बाद पटरियों से हट गए हैं और वे केवल मालगाड़िया चलाने की छूट देने को तैयार हैं. पंजाब में नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसके चलते किसानों ने रेल की पटरियों पर चक्का जाम किया हुआ है और राज्य में 24 सितंबर से ट्रेनों का परिचालन बंद है. Also Read - Kisan Andolan Latest Update: ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पंजाब से निकले और किसान, 50,000 से ज्यादा बताई जा रही संख्या

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी. के. यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य ‘अपनी पसंद से चुनाव नहीं कर सकते’. कोई यह निर्देश नहीं दे सकता कि पटरियों पर कौन सी ट्रेन चलेगी या कौन सी नहीं, यह व्यवहारिक नहीं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अभी भी पंजाब में एक रेलवे स्टेशन पर हैं और 22 अन्य जगहों पर स्टेशन के बाहर जमा हैं और धमकी दी है कि यदि यात्री रेलगाड़ी चलायी गयी तो वह फिर पटरियों की ओर लौट आएंगे. Also Read - Latest Railways News: रेलवे इस राज्‍य में 2 दिसंबर से चलाएगा 54 ट्रेनें

यादव ने कहा, ‘‘ प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार की ओर से समान बयान आए हैं. पटरियों को केवल मालगाड़ियों के लिए खाली किया गया है. भारतीय रेल इस तरह से परिचालन नहीं कर सकती है. यदि पटरियां खाली हैं तो वह माल एवं यात्री दोनों तरह की गाड़ियों के लिए खाली हैं. हमारी उनसे दरख्वास्त है कि ट्रेनों का परिचालन भारतीय रेल पर छोड़ दिया जाए.’’ राज्य सरकार और भारतीय रेल के अधिकारी राज्य में ट्रेन सेवा को बहाल करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं. Also Read - Kisan Andolan Punjab Haryana Today: बुराड़ी में प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बावजूद किसान सिंघु बॉर्डर पर डटे, पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स

राज्य सरकार ने शुक्रवार रात को एक बयान में कहा था कि रेल की पटरियां ट्रेन परिचालन के लिए खाली कर दी गयी हैं. लेकिन भारतीय रेल का दावा है कि राज्य सरकार का यह बयान उन लोगों के साथ ‘छलावा’ है जिन्हें त्यौहारी मौसम के दौरान ट्रेनों के परिचालन पर रोक से दिक्कत हो रही है.

प्रदर्शनकारियों की मांग को ठुकराते हुए यादव ने कहा, ‘‘ हम इस माहौल में ट्रेन नहीं चला सकते जहां प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम कुछ तरह की ट्रेन ही चला सकते हैं. वहीं उन ट्रेनों की सुरक्षा के लिए भी राज्य सरकार की ओर से हमें कोई आश्वासन नहीं मिला है. राज्य सरकार भी वही कह रही है जो प्रदर्शनकारी कह रहे हैं.’’

(इनपुट भाषा)