नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते भारतीय रेल के 167 साल के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब रेलगाड़ियों में टिकट की जांच करने वाले कर्मचारी अपने पारंपरिक काले कोट एवं टाई नहीं पहनेंगे. एक जून से शुरू होने वाले 100 जोड़ी ट्रेनों में सवार टिकट जांच करने वाले कर्मचारियों के लिये कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर रेलवे ने दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसके अनुसार उन्हें मास्क, दस्ताने और साबुन के अलावा आतिशी शीशा दिया जाएगा.Also Read - Punjab Polls 2022: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल कोरोना वायरस से संक्रमित, अस्पताल में भर्ती

रेलवे की ओर से जारी दिशा निर्देशो के अनुसार, ‘कोरोना संक्रमण को रोकने अथवा उसके खतरे को कम करने के मद्देनजर टिकट जांच करने वाले कर्मचारियों के लिए कोट एवं टाई की अनिवार्यता समाप्त की जा सकती है. हालांकि, वह इस दौरान अपने नाम ओर पद अंकित बैज पहने रहेंगे .’ इसमें यह भी कहा गया है कि ट्रेनों में टिकटों की जांच करने वाले सभी टीटीई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये उन्हें पर्याप्त संख्या में मास्क, फेस शील्ड, दस्ताने, सिर ढंकने का कवर, सेनेटाइजर, साबुन समेत अन्य वस्तुएं मुहैया करायी जाएंगी. Also Read - Coronavirus in India: पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2.82 लाख नए केस, कल से 18 फीसदी ज्यादा

इसमें यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की जा सकती है कि टीटीई वास्तव में सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं. इसमें कहा गया है कि ट्रेन में सवार टिकट जांच कर्मचारियों को अगर संभव हुआ तो आतिशी शीशा (मैग्निफाइंग ग्लास) दिया जाएगा ताकि वह दूर से ही टिकटों का विवरण देख सकें और शारीरिक संपर्क से बच सकें. Also Read - Haryana Lockdown Update: हरियाणा में 28 जनवरी तक बढ़ी लॉकडाउन जैसी पाबंदियां, शराब की दुकानों के समय में बदलाव