नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि रेलवे ने फंसे हुए लोगों की आवाजाही के लिए 222 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. अपने डेली बुलेटिन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि 2.5 लाख से अधिक लोगों ने इस सुविधा का इस्तेमाल किया है. गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों के तहत ही लोगों को कुछ छूट देने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि ट्रेनों के ये फेरे इस दिशा में उठाये गये कदम हैं. Also Read - IND vs AUS: ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर एक ही वेन्‍यू पर हो सकते हैं सभी मैच, CA ने कहा-हम...

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ट्रेन की पटरियों पर शुक्रवार तड़के मालगाड़ी से कटकर 16 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो जाने के संबंध में सवाल करने पर उन्होंने कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ घटना है. विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की तकलीफों को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें चरणबद्ध तरीके से वापस लाने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से ही शुरू हो गई है और उन्हें विशेष वाणिज्यिक उड़ानों तथा नौसेना के जहाजों की मदद से लाया जाएगा. Also Read - परिवार के सदस्यों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए घर में पहने मास्क, अध्ययन में आई ये बात सामने

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे लोगों को भारत लाने और यहां फंसे लोगों को उनके देश भेजने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति गठित की गई है, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, सशस्त्र बलों और एअर इंडिया के अधिकारी शामिल हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है. श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘(विदेशों में) फंसे सभी भारतीय अपने यहां के दूतावास/मिशन में पंजीकरण करा सकते हैं… विमान में सवार होने से पहले सभी यात्रियों की जांच की जाएगी और सिर्फ उन्हीं को अनुमति दी जाएगी, जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं होंगे.’’

उन्होंने बताया कि उन्हें एक शपथपत्र देना होगा कि वे वापसी के बाद 14 दिन तक अपने खर्च पर निर्दिष्ट पृथक-वास में रहेंगे. श्रीवास्तव ने बताया कि वापस आने के इच्छुक सभी लोगों को आरोग्य सेतु ऐप पर पंजीकरण कराना होगा और लौटने पर अनिवार्य रूप से उन सभी की कोविड-19 संक्रमण की जांच की जाएगी.

(इनपुट भाषा)