नई दिल्‍ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में रविवार को अलसुबह बारिश हुई है. दिल्‍ली एनसीआर में बदले मौसम से गर्मी से राहत मिली है. बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को भी बारिश हुई थी. बारिश होने से भारी गर्मी से काफी राहत मिली है और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आई है. मौसम विभाग ने देश के मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ बारिश आने की संभावना है. कई राज्‍यों में भारी बारिश का भी अनुमान है. Also Read - राहत: दिल्ली में कोरोना की स्थिति में सुधार हुआ, मरीजों के ठीक होने की दर 76 प्रतिशत पहुंची

आईएमडी ने अपने अखिल भारतीय मौसम रिपोर्ट और पूर्वानुमान बुलेटिन में कहा, अगले चार से पांच दिनों के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा होने की संभावना है. Also Read - Coronavirus in MP Update: मध्य प्रदेश में जारी कोरोना का कहर, 16 हजार से अधिक संक्रमित, 629 की मौत

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों तक दिल्‍ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह में हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली. नोएडा में सुबह पौने आठ बजे 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ और दिन में 38 डिग्री के आपपास रहने का अनुमान है. Also Read - गुजरात में बाढ़ के संकट के बीच कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, नदी में बहते दिखे जानवर

मौसम विभाग के मुताबिक, दो दिनों में दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 24-25 जून के आसपास दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में दस्तक देगा.

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण और 19 जून और 20 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के कारण दिल्ली में 27 जून की उसकी सामान्य तिथि से दो-तीन दिन पहले मानसून पहुंचने की संभावना है. पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में अधिकतम तापमान सामान्य सीमा के करीब रहा.

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में अगले सप्ताह आंधी-तूफान और बारिश आने का अनुमान जताया है. आईएमडी ने अपने अखिल भारतीय मौसम रिपोर्ट और पूर्वानुमान बुलेटिन में कहा, अगले चार से पांच दिनों के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा होने की संभावना है.

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा कि अगले सप्ताह निचले, मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने और ऊंची पहाड़ियों में हिमपात होने का अनुमान है. 22 से 24 जून तक मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों और 23 से 24 जून के बीच मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ बारिश आने की संभावना है. शनिवार को पहाड़ी राज्य में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई.

मध्यप्रदेश के विभिन्न भागों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण प्रदेश में एक जून से लेकर अब तक 142 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक जी डी मिश्रा ने शनिवार कहा कि शनिवार को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश हो रही है और रविवार सुबह तक भोपाल एवं होशंगाबाद संभागों के जिलों तथा सीधी, सिंगरौली, रीवा, मंडला एवं बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं पर भारी वर्षा हो सकती है.

‘ग्वालियर, भिण्ड एवं जबलपुर जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी जिलों में एक जून से 20 जून के बीच औसत से अधिक बारिश हुई है. एक जून से अब तक मध्यप्रदेश में 131.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. मध्यप्रदेश में एक जून से 20 जून तक सामान्यत: 54.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है, लेकिन इस बार 142 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. ग्‍वालियर में इस अवधि में सामान्यत: 30.2 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन एक जून से अब तक केवल 16.9 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है. भिण्ड एवं जबलपुर जिलों में भी इस अवधि में होने वाली बारिश से कम वर्षा दर्ज की गई है।