नई दिल्ली। दिल्ली की सीबीआई अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट केस में सात साल जेल की सजा सुनाई है. इसके अलावा तीन और आरोपियों को भी 7 साल की सजा मिली है. ये तीनों पासपोर्ट दफ्तर के अधिकारी हैं. कोर्ट ने चारों पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

बाकी तीनों आरोपियों के नाम हैं जयश्री दत्तात्रेय रहाटे, दीपक नटवरलाल शाह और ललिता लक्ष्मणन बेंगलुरु पासपोर्ट आॅफिस के रिटायर्ड अधिकारी हैं. सीबीआई के विशेष जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने सोमवार को अपने फैसले में इन सभी को दोषी माना. तीनों रिटायर्ड अफसर अभी जमानत पर बाहर हैं जबकि राजन अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है.

सीबीआई के मुताबिक, सितंबर 2003 में मोहन कुमार के नाम पर बने फर्जी पासपोर्ट और टूरिस्ट वीजा पर छोटा राजन भारत से ऑस्ट्रेलिया भाग गया था. फर्जी पासपोर्ट के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन सहित पासपोर्ट ऑफिस के तीन अधिकारियों को दोषी ठहराया था.

मोहन कुमार के नाम से बनवाया पासपोर्ट

छोटा राजन पर आरोप है कि उसने 1998-99 में बेंगलुरु पासपोर्ट ऑफिस के तीन अधिकारियों की मदद से मोहन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट हासिल किया. हालांकि, उसने दावा किया था कि वह काफी समय से भारत की सरकारी एजेंसियों के लिए दूसरे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खिलाफ काम कर रहा था. उसने कहा था कि उसे ये पासपोर्ट भारतीय एजेंसियों ने ही मुहैया कराए थे.

छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था. नवंबर में उसे भारत लाया गया. उस पर हत्या, हफ्ता वसूली, फिरौती और मादक पदार्थों सहित कई सामानों की तस्करी के 85 से ज्यादा आरोप हैं. इनमें से महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में करीब 70 मामले विचाराधीन हैं.