नई दिल्लीः ईरान से 236 लोग रविवार सुबह एयर इंडिया की दो उड़ानों द्वारा जैसलमेर पहुंचे हैं. कर्नल सोम्बित घोष (पीआरओ डिफेंस, राजस्थान) ने यह घोषणा की. कोविड-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा महामारी घोषित किया गया है और इटली, ईरान जैसे कोरोनोवायरस प्रभावित देशों में बड़ी संख्या में फंसे भारतीयों को निकाला जा रहा है. एहतियात के तौर पर, देश लाए गए लोगों को 14 दिनों तक अलग-थलग रखा जाएगा. भारतीय सेना ने कोविड-19 के खिलाफ मुकाबला करने के लिए विभिन्न स्थानों पर वेलनेस सेंटर स्थापित किए हैं. Also Read - दिल्ली, मुंबई के बाद कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बना ये शहर, मरीजों की तादाद 89

घोष ने कहा, “जैसलमेर में वेलनेस सेंटर कोविड-19 के खिलाफ लड़ने के लिए एक भारतीय सेना की फैसिलिटी है और कुशल चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में अनिवार्य क्वारन्टीन अवधि में लोगों की मदद करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित है. सैनिकों ने विदेशों से लौट रहे देशवासियों की देखभाल और सहायता प्रदान करने के लिए स्वेच्छा से सहायता की है.” Also Read - coronavirus india live updates: पीएम मोदी का संदेश- 5 अप्रैल को रात नौ बजे 9 मिनट तक जलाएं मोमबत्ती या दीया

आर्मी वेलनेस सेंटर सिविल प्रशासन, हवाईअड्डा प्राधिकरण और वायु सेना के साथ तालमेल में काम कर रहा है ताकि सभी लाए गए नागरिकों को उचित देखभाल प्रदान की जा सके. कोविड-19 के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.

जैसलमेर में सैन्य और सिविल अधिकारियों ने लोगों से कोविड-19 के खिलाफ पर्याप्त सावधानी बरतने का आग्रह किया है. उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि किसी भी स्थिति को संभालने के लिए अपेक्षित मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है.