जयपुर. राजस्थान में लगभग दो महीने के चुनावी कोलाहल पर बुधवार शाम को विराम लग गया. प्रचार की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही चुनावी रैलियों, रोड शो और जन सभाओं का क्रम शाम पांच बजे थम गया. मतदान सात दिसम्बर को होगा जिसमें राज्य के चार करोड़ से ज्यादा मतदाता 2274 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे.

राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों में से 199 विधानसभा सीटों के लिये 189 महिला उम्मीदवारों सहित 2274 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिये चुनावी मैदान में उतरे हैं. अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है. राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आंनद कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया. उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं। राजस्थान में 4.77 करोड मतदाता हैं.

बीजेपी कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला
राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है और लगभग 130 सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर है. वहीं 50 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणिय माना जा रहा है जिनमें से 45 सीटों पर दोनों पार्टियों के बागी उम्मीदवारों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है. जाट नेता हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी ने 58 सीटों पर उम्मीदवार खडे करके दोनों पार्टियों को चुनौती दी है. बेनीवाल की मारवाड, शेखावटी और पूर्वी हिस्सों में जाट वोटों पर निगाह है.

सभी सीटों पर लड़ रही है बीजेपी
भाजपा राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन की पार्टियों को देकर 195 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. बसपा के 190, माकपा के 28 व भाकपा के 16 तथा 830 निर्दलीय उम्मीवादर चुनाव मैदान में हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रचार अभियान में 13 सभाएं की हैं. उनके कुल 38 कार्यक्रम हुए हैं.य मुख्यमंत्री राजे ने 75 जनसभाएं कीं. कुल मिलाकर 222 बडी जनसभाएं भाजपा ने की. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य के विभिन्न जिलों में नौ सभाएं कीं. राज्य की कुछ चर्चित सीटों में झालरापाटन, टोंक, सरदारपुरा, व पोकरण हैं.

इन नेता ने किया प्रचार
भाजपा शासित राज्य में शुरूआती चुनावी प्रचार में किसानों, भ्रष्टाचार, युवाओं के मुद्दे छाये रहे और जैसे जैसे चुनाव नजदीक आये हिन्दुत्व, भारत माता, भगवान हनुमान की जाति जैसे मुद्दे चुनावी प्रचार के दौरान सामने आये. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केन्द्रीय मंत्री, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बसपा प्रमुख मायावती सहित अन्य स्थानीय नेताओं ने लगातार चुनाव प्रचार किया.