BJP MLA Kota

राजस्थान के कोटा सीएमएचओ के साथ अभद्र व्यवहार करनेवाले बीजेपी विधायक प्रहलाद गुंजल को हाईकमान ने पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। बता दे कि गुंजल के खिलाफ डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद पार्टी की छवि ख़राब ना हो इसके लिए पार्टी आलाकमान ने गुंजल के खिलाफ कार्रवाई की हैं। हालांकि की कार्रवाई से पहले ही गुंजल अलग थलग पड़ गये थे।

केंद्रीय संसदीय मंत्री वैंकया नायडू ने शुक्रवार को बताया कि प्रहलाद गुंजल को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनको कारण बताओ नोटिस जारी गया किया है।

ज्ञात हो कि गुंजल द्वारा अभद्र भाषा के साथ चिकित्साधिकारी को दी गई धमकी का 6.34 मिनट का ऑडियो व्हॉट्सएप पर वायरल हो गया था। साथ ही पूरा ऑडियों मीडिया में आने के बाद बैकपुट पर आये गुंजल से पार्टी के नेताओ ने किनारा कर लिया था.

गुंजल के अभद्र आचरण की शिकायत मिलने के बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की हैं। साथ ही भाजपा यह संदेश भी देना चाहती हैं कि पार्टी ऎसे किसी भी नेता या विधायक के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगी।

केंद्रीय नेतृत्व ने इस पूरे मामले पर प्रदेश भाजपा से जवाब मांगा है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा कि गुंजल के बारे में अखबारों में खबरें आने के बाद उनको अपना पक्ष रखने को कहा गया था। उन्होंने अपना पक्ष रखा और अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।

हालांकि भाजपा विधायक गुंजल इस मामले में पार्टी की ओर से दिए गए नोटिस के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को पत्र भेजकर कि मेरे शब्दों से किसी को भी मानसिक अथवा अन्य प्रकार की पीड़ा हुई है तो मैं उसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।

गुंजल ने इसी तरह का पत्र मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी भेजा और खेद व्यक्त किया। ज्ञात हो कि इससे पूर्व परनामी ने गुंजल को नोटिस भेज पांच दिन में जवाब मांगा था।

बता दे कि इस मसले पर इंडियन मेडिकल एसोसियेशन की अगुवाई में डॉक्टरों ने सुबह दो घंटे काम का बहिष्कार भी किया।