नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद नेतृत्‍व के संकट से जूझ रही कांग्रेस में बेचैनी है और संभावित नए नेतृत्‍व की तलाश की कोशिशें तेज हो गई हैं. दो दिन पहले सोमवार को कांग्रेस शासित राज्‍यों के पांच मुख्‍यमंत्र‍ियों ने जहां, राहुल गांधी से अध्‍यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया था, वहीं, आज बुधवार को राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने यूपीए अध्‍यक्ष व कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी से उनके निवास पर 40 मिनट की मुलाकात की है.

वहीं, राहुल गांधी ने कहा, पार्टी को बिना किसी देरी के अपना अध्‍यक्ष तय कर लेना चाहिए. मैं इस प्रक्रिया में कहीं नहीं हूं. मैं पहले ही अपना त्‍यागपत्र सौंप चुका हूं और मैं ज्‍यादा दिनों तक पार्टी अध्‍यक्ष नहीं रहूंगा. सीडब्‍ल्‍यूसी को जल्‍द एक मीटिंग बुलाना चाहिए और तय करना चाहिए.

बता दें कि कांग्रेस शासित पांचों राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के अनुरोध को राहुल गांधी ने स्‍वीकार नहीं किया और नए अध्‍यक्ष की तलाश करने के लिए कहा. राहुल गांधी के इस रुख के बाद बुधवार को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत बुधवार को वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी के साथ गहलोत की मुलाकात 40 मिनट से ज्यादा चली.

कांग्रेस के पांचों मुख्यमंत्रियों के सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें कांग्रेस प्रमुख पद पर बने रहने का आग्रह करने के दो दिन बाद गहलोत ने सोनिया से मुलाकात की है. ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस के नए प्रमुख की तलाश और तेज हो गई है और संभव है कि अध्‍यक्ष के पद पर गांधी परिवार के बाहर से किसी व्‍यक्‍ति को इसके लिए तय किया जाए.

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद 25 मई को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में महज 52 सीटें ही जीत सकी है. राहुल गांधी यूपी की अपनी परंपरागत सीट अमेठी में हार गए है, लेकिन वह केरल के वायनाड से जीतकर संसद पहुंचने में कामयाब रहे हैं.