नई दिल्ली/जयपुर. राजस्थान में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, कांग्रेस 99 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. दूसरी तरफ बीजेपी को सिर्फ 73 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा. हालांकि, कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला है, लेकिन उसने सरकार बनाने का दावा कर दिया है. आंकड़ों पर बात करें तो उसकी सरकार आसानी से बनती दिख रही है. अब चर्चा ये है कि कांग्रेस सीएम किसे बनाती है.

चुनाव की शुरुआत के साथ ही राज्य में कांग्रेस सीएम का चेहरा कौन होगा, इस पर सवाल पूछ जाने लगे थे. लेकिन कांग्रेस ने पहले दिन से कहा कि नतीजे आने के बाद शीर्ष नेतृत्व और विधायक तय करेंगे कि राज्य में सीएम कौन होगा. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन गहलोत में सीधी टक्कर मानी जा रही है. लेकिन गहलोत ने एक रैली में ये कहकर मामला और फंसा दिया कि राज्य में सीएम के 5 चेहरे हैं. फिर भी माना जा रहा है कि गहलोत और पाटलट में से कोई एक ही सीएम होगा.

अशोक गहलोत
अशोक गहलोत को कांग्रेस का जमीनी नेता माना जाता है. वह छात्र संगठन से आगे बढ़ते हुए सीएम तक का सफर तय कर चुके हैं. वह भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक का पद संभाल चुके हैं. वह 5 बार सांसद, 5 बार विधायक और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि एक बार फिर कांग्रेस उन्हीं के चेहरे पर भरोसा करेगा. इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि गहलोत हर वर्ग को साधने में सफल रहते हैं.

सचिन पायलट
सचिन पायलट को राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता राजेश पायलट कांग्रेस सरकार में केंद्रीयमंत्री रह चुके हैं. उन्हें राजीव गांधी का करीबी दोस्त माना जाता था. एक दुर्घटना में उनके निधन के बाद सचिन राजनीति में उतरे और उनकी सीट से लोकसभा चुनाव जीत कर संसद पहुंचे. सचिन विदेश में पढ़े हुए, लेकिन जमीनी राजनीति के बारे में अच्छी समझ रखने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है. वह पिछले चार साल से राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और इस जीत में उनके भी योगदान की सराहना की जा रही है. कहा जा रहा है कि युवा चेहरे के तौर पर कांग्रेस उन्हें सीएम के तौर पर ला सकती है.