राजस्थान चुनाव में प्रचार अंतिम चरण में है. बुधवार की शाम 5 बजे प्रचार बंद हो जाएगा. ऐसे में एक तरफ बीजेपी और कांग्रेस के नेता हर घर तक पहुंच बनाना चाहते हैं तो दूसरी तरफ वह बागियों, रूठों, निर्दलियों और क्षेत्रीय मठाधीशों को साधने में लगे हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ‘प्लान C’ का काम गुजरात के नेताओं के कंधे पर है. एक तरफ जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है तो दूसरी तरफ अहमद पटेल सक्रिय हो गए हैं.

बताया जा रहा है कि अहमद पटेल राज्य के विभिन्न सीटों पर टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं और बागियों से संपर्क कर चुके हैं. वह विधानसभा वार स्थिति को स्कैन कर रहे हैं. वह सातों संभागों का दौरा कर चुके हैं और प्रत्याशियों के साथ-साथ, पर्यवेक्षकों, क्षेत्रीय नेताओं और प्रभारियों से मिलकर रणनीति को अमलीजामा पहनाने में लगे हैं. सूत्रों के अनुसार, अहमद पटेल कई बागी नेताओं के घर जाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस ने बनाया रातों-रात वॉर रूम
अहमद पटेल के साथ मुकुल वासनिक और अविनाश पांडे ने मोर्चा संभाला हुआ है. बताया जा रहा है कि रविवार को रातों रात प्रदेश कार्यालय में नया कंट्रोल रूम बनाया गया. यहां दो दर्जन से ज्यादा एक्सपर्ट बैठे हैं. हर विधानसभा की फीडबैक ली जा रही है और रणनीति बनाई जा रही है.

शाह की टीम ने संभाला मोर्चा
एक तरफ अमित शाह पूरे राज्य का दौरा करके जहां कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, वहीं बागियों को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं. सवाईमाधोपुर में उन्होंने जिस तरह विधायक दीया कुमारी को मैनेज किया, उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में है. दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि बीजेपी के एक केंद्रीयमंत्री और एक संगठन के मंत्री राज्य के बागियों और निर्दलियों से लगातार संपर्क में हैं. कहा जा रहा है कि कई नेताओं से बात का सिलसिला बढ़ भी चुका है.

कई नेताओं से हुई बात
रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी की इस टीम ने अब तक एक दर्जन से ज्यादा निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों से बात कर ली है. ये नेता आरएसएस से भी लगातार संपर्क में हैं और किसी भी तरह बागियों को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं.

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