जयपुर. राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस प्रचार को अंतिम रूप-रेखा देने में लगी हैं. ऐसे में स्टार प्रचारकों में भी पूरी ताकत झोंक दी है. लेकिन, इस बीज बीजेपी और कांग्रेस के ऐसे कई स्टार प्रचारक हैं जो अपनी विधानसभा में ही चक्रव्यूह में फंसते दिख रहे हैं. उन्हें विपक्षियों से सीट पर ही कड़ी टक्कर मिल रही है. ऐसे में वह राज्य के दूसरी सीटों पर प्रचार के लिए नहीं जा पा रहे हैं.

झालरापाटन
झालरापाटन, नाथद्वारा, उदयपुर शहर, केकड़ी, नोखा और शाहपुरा ऐसी सीटें हैं जहां से बड़े स्टार आमने-सामने हैं. सबसे मजबूत लड़ाई झालरापाटन में देखने को मिल रही है. यहां सीएम वसुंधरा राजे के खिलाफ कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह मैदान में हैं. वह बीजेपी नेता यशवंत सिंह के बेटे हैं जो अटल सरकार में विदेश और वित्त मंत्री रह चुके हैं. मानवेंद्र को कांग्रेस ने स्टार प्रचार बनाया था. लेकिन वह अपनी ही सीट पर फंसे हुए दिखते हैं. स्थिति तो यह बनी हुई है कि वहां दूसरे स्टार प्रचारक भी पहुंच गए हैं.

शाहपुरा
यहां से बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल चुनाव लड़ रहे हैं. दलित वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी ने उन्हें स्टार प्रचार बनाया था. कांग्रेस ने इस सीट पर महावीर प्रसाद को उतारा है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. इससे मेघवाल दूसरी सीटों पर प्रचार करने नहीं जा पा रहे हैं.

नाथद्वारा
यह भी एक हॉट सीट बनी हुई है. यहां से कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता सीपी जोशी को टिकट दिया है. सीपी जोशी साल 2008 और 2013 के चुनाव में पूरे प्रदेश में घूम-घमू कर प्रचार कर चुके हैं. लेकिन, इस बार हालत ये है कि वह नाथद्वारा में ही फंसे हुए हैं और उसके बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. उनके सामने बीजेपी के महेश प्रतार सिंह से है.

केकड़ी
इस सीट से कांग्रेस ने अजमेर सांसद रघु शर्मा मैदान में हैं. वह कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष भी हैं. लेकिन, केकड़ी में बीजेपी के राजेंद्र विनायक उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. बीजेपी ने यहां से सिटिंग विधायक शत्रुघन गौतम का टिकट काटकर मैदान में उतारा है. ऐसे में रघु अपनी ही सीट पर मेहनत करते दिख रहे हैं.

नोखा
यहां नेता प्रतिपक्ष और रामेश्वर रेड्डी मैदान में हैं. उन्हें भी कांग्रेस ने स्टार प्रचार बनाया था. लेकिन वह बीकानेर के इलाके तक ही सिमित रह गए हैं. बीजेपी के बिहारीलाल बिश्नोई उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. ऐसे में ये सीट भी रोमांचक बन गई है.

दांतारामगढ़
यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण सिंह अपने बेटे वीरेंद्र चौधरी को चुनाव लड़ा रहे हैं. बीजेपी की तरफ से हरीशचंद्र कुमावत मैदान में हैं. वहीं इस सीट पर वामपंथी समर्थक भी ठीक-ठीक हैं. ऐसे में माकपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अमराराम भी चुनौती दे रहे हैं. ऐसे में नारायण सिंह बेटे की सीट निकालने में ही व्यस्त दिख रहे हैं और वह राज्य में दूसरी जगह पर प्रचार करते नहीं दिख रहे हैं. वह सीकर की चार सीटों पर ही दिख रहे हैं.

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