नई दिल्ली. राजस्थान विधानसभा चुनाव में मंगलवार को वोटों की गिनती होने वाली है. कांग्रेस और बीजेपी ने पूरे चुनाव में पूरी ताकत से प्रचार किया. बीजेपी की तरफ से पीएम मोदी, अमित शाह और वसुंधरा राजे जहां प्रचार की कमान संभाली हुई थीं, वहीं कांग्रेस की तरफ राहुल गांधी, सचिन पायलट और अशोक गहलोत ने प्रचार ने जमकर प्रचार किया. लेकिन पिछले दो बार के आंकड़े प्रत्याशियों को माथे पर पसीने लाने वाले हैं. बता दें कि पिछले दो बार से 80 फीसदी कैंडिडेट की जमानत जब्त हो जा रही है. ऐसे में काउंटिंग से पहले प्रत्याशी अपने आराध्य तक पहुंच रहे हैं और ऊपर वाले का आशीर्वाद ले रहे हैं.Also Read - All Elections Results Highlights: बंगाल में ममता की 'हैट्रिक', असम में BJP तो केरल में LDF की वापसी- तमिलनाडु में स्टालिन का दबदबा

राज्य में इस बार 199 सीटों पर 2294 कैंडिडेट हैं. एक सीट पर प्रत्याशी की मौत होने की वजह से 7 दिसंबर को वोटिंग नहीं हुई. साल 2013 और 2008 में 80 फीसदी कैंडिडेट ऐसे थे जिन्होंने 16.66 फीसदी वोट भी हासिल नहीं कर पाए. साल 2008 के चुनाव में प्रदेश 2194 कैंडिडेट थे, जिनमें 78.51 फीसदी यानी 1730 की जमानत जब्त हो गई थी. साल 2013 के चुनाव में 2296 प्रत्याशियों में से 80.04 फीसदी यानी 1843 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी. इसमें जयपुर में 86 फीसदी कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी. Also Read - Rajasthan Chunav Results: पंचायत समिति सदस्य चुनाव में BJP और कांग्रेस ने जीतीं इतनी सीटें, जानें हर सीट का ताजा अपडेट

साल 2008 चुनाव
साल 2008 की बात करें तो 200 सीटों पर 1029 निर्दलीयों ने चुनाव लड़ा, इनमें से 983 की जमानत जब्त हो गई. इनमें बीजेपी के 11, कांग्रेस के 10, बसपा के 172, सीपीएम के 29, सीपीआई के 20 और एनसीपी के 37 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी. Also Read - यूपी के मंत्री ने कहा- कांग्रेस ने भ्रम फैलाकर पाया वोट, पछता रहे हैं मध्यप्रदेश के लोग

साल 2013 चुनाव
2013 के चुनाव में 958 निर्दलीयों में से सिर्फ 28 ही जमानत बचा सके. बीजेपी के 5, कांग्रेस 18, सीपीआई 23, बसपा 182, सीपीएम 34 और एनसीपी के 15 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाए थे.

जयपुर
साल 2013 में जयपुर की 19 सीटों पर 293 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा. इनमें 253 की जमानत जब्त हो गई. 15 विधानसभा सीटें कोट पुतली, विराटनगर, चौमूं, फुलेरा, दूदू, झोटवाड़ा, हवामहल, सिविल लाइंस, किशनपोल, आदर्शनगर, मालवीय नगर, सांगानेर, बगरू और बस्सी सीट ऐसी रही जिस पर सिर्फ भाजपा-कांग्रेस के अलावा सभी उम्मीदवार जमानत जब्त करवा बैठे.