नई दिल्ली. राजस्थान चुनाव का प्रचार बुधवार की शाम 5 बजे थम जाएगा. इस दौरान पूरे राज्य में बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी ताकत झोंक दी थी. लेकिन, यदि दक्षिण राजस्थान की 35 सीटों की बात करें तो यहां साल 2013 की तुलना में माहौल पूरी तरह से बदला हुआ है. पिछले चुनाव में बीजेपी को 31 सीटें मिली थी. वहीं, कांग्रेस के खाते में सिर्फ 3 सीटें आई थीं.

दक्षिण राजस्था में इस बार बीजेपी और कांग्रेस के कई दिग्गजों की साख दांव पर है. बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया, कैलाश मेघवाल, किरण माहेश्वरी और श्रीचंद कृपलानी अपनी-अपनी सीटों पर फंसे हुए दिख रहे हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता सीपी जोशी, गिरिजा व्यास, रघुवीर मीणा, महेंद्रजीत सिंह मालवीया भी अपनी सीटों पर झूझ रहे हैं.

सत्ता की जाबी है दक्षिण राजस्थान
दक्षिण राजस्थान को सत्ता की चाबी कहा जाता है. साल 2013 में 7 जिलों की 35 सीटों पर बीजेपी 31 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी. विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल अपनी शाहपुरा की सीट पर ही घिर गए हैं, लेकिन उनका पलड़ा भारी ही नजर आ रहा है. दूसरी तरफ उदयपुर शहर से गुलाबचंद कटारिया का मुकाबला कांग्रेस की गिरिजा व्यास है और यहां मुकाबला दिलचस्प हो गया है.

यहां है सीधा मुकाबला
राजसमंद में बीजेपी की किरण माहेश्वरी और कांग्रेस के नारायण सिंह में सीधा मुकाबला है. निंबोहेड़ा में बीजेपी के श्रीचंद कृपलानी के सामने कांग्रेस ने कड़ी चुनौती दी है. इन सभी सीटों पर बागियों ने जहां चिंता की लकीरें खींच रखी हैं, वहीं भितरघात की भी आशंका है. चितौड़गढ़ में बीजेपी के चंद्रभान का कांग्रेस के सुरेंद्र से सीधी टक्कर है. बड़ी सादड़ी से बीजेपी के ललित और कांग्रेस के प्रकाश में सीधा मुकाबला है. बेगूं में कांग्रेस के राजेंद्र विधुड़ी को बीजेपी के सुरेश धाकड़ चुनौती दे रहे हैं. कपासन में बीजेपी के अर्जुन और कांग्रेस के आनंदरा में कड़ा मुकाबला है.