नई दिल्ली। बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे राजस्थान में और अधिक बारिश हुई है. भारी बारिश के कारण पाली, जालोर के अलावा दो और जिलों में बाढ़ जैसे हालात है. बाढ़ के कारण 128 गांव प्रभावित हुए हैं. वहीं, शुक्रवार रात को सेना ने बंसवारा के भीम राव अंबेडकर हॉस्टल में बाढ़ के कारण फंसे 500 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकाल सुरक्षित जगह पर पहुंचाया है.

भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जल संसाधन मंत्रालय ने शनिवार को भारी बारिश की आशंका जताते हुए पूर्वी राजस्थान के नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की चेतावनी दी है.

इसी बीच राजस्थान के जालौर, पाली, बाड़मेर और राजसमन्द से 1,050 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. यहां भारी बारिश की वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है.

भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ, वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर और होम गार्ड सुरक्षा कार्य में लगे हुए हैं और प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य जारी है.

राज्य सरकार के संपर्क अधिकारी ने बताया कि इन जिलों से 520 लोगों को 20 विशेष राहत कैंप में भेजा गया है. अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बचाव और राहत अभियान पर नजर रख रही हैं.

बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए आर्थिक पैकेज और केन्द्रीय मदद की मांग 

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों की खराब हालात का जिक्र करते हुए प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आर्थिक पैकेज और केन्द्रीय मदद देने की मांग की है.

पायलट ने प्रधानमंत्री को शुक्रवार को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य के जालौर, पाली, सिरोही और बाड़मेर में बाढ़ के हालात भयावह है. प्रभावित लोगों को मदद नहीं पहुंच पा रही है. राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य धीमी गति से चला रही है.

उन्होंने कहा कि बाढ प्रभावित इलाकों में अब तक बारह लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन राज्य सरकार ने एक भी मृतक के परिजनों या प्रभावितों को आर्थिक मुआवजा नहीं दिया है. जालौर जिले की पथमेडा गौशाला में पानी भर जाने से कई गायें मर गई है.

पायलट ने कहा कि आपने (प्रधानमंत्री) गुजरात के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए पांच सौ करोड़ रूपये की केन्द्रीय मदद दी है. ऐसे में पड़ोसी प्रदेश राजस्थान के बाढ़ प्रभावित इलाकों को केन्द्रीय मदद और आर्थिक पैकेज की घोषणा करें.

इधर, पायलट ने मूसलाधार बारिश के कारण राजकीय व निजी गौशालाओं में स्थितियों के बिगड़ने पर गौवंश की हो रही मौतों व संक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पथमेड़ा गौशाला में 536 गौवंश की मौतों की जानकारी मिली है और कई गायें मरणासन्न स्थिति में हैं.

उन्होंने कहा कि मरणासन्न हालत में पहुंचे गौवंश को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए. बीजेपी सरकार गायों की रक्षा की बातें तो करती है लेकिन वास्तविकता में गौवंश की हो रही दुर्दशा को नजरअंदाज किया जा रहा है.

भाषा से इनपुट के साथ