नई दिल्ली। बीफ बैन पर मचे हंगामे और विवाद के बीच राजस्थान हाई कोर्ट ने गौसंरक्षण को लेकर केंद्र को बड़ी बात कही है. हाई कोर्ट ने सलाह दी है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए और इसकी हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा हो. हिंगोनिया गौशाला में गायों की मौत को लेकर सुनवाई के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट ने ये टिप्पणी की.

राजस्थान हाई कोर्ट में हिंगोनिया गौशाला मामले में एक सुनवाई के दौरान जस्टिस महेश चन्द्र शर्मा में कहा कि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए प्रयास करें. हाई कोर्ट ने कहा कि  जिस तरह से उत्तराखंड में गंगा को सजीव मानव का दर्जा दिया गया है उसी तरह गाय तो एक जीवित पशु है, जिसके दूध से लेकर हर तरह के प्रोडक्ट्स लोगों के लिए जीवनदायी है. राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय पशु घोषित कराने का प्रयास करे.

साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसले में कहा है कि हिंगोनिया गौशाला में भ्रष्टाचार की जांच एसीबी करे. कोर्ट ने एडीजे को हर तीन महीने में गोशाला को लेकर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने यूडीएच सचिव और निगम आयुक्त सहित सम्बंधित अफसरों को महीने में एक बार गौशाला का दौरा करने के निर्देश दिए. कोर्ट ने वन विभाग को गौशाला में हर साल 5 हजार पौधे लगाने को कहा है.

हिंगोनिया का मामला

हिंगोनिया गौशाला में करीब आठ हजार से अधिक गायें रह रही हैं. साल 2016 में  जयपुर की हिंगोनिया गोशाला में हजारों की संख्या में गायों की मौत हो गई थी. बारिश के बाद बने दलदल में फंसकर इन गायों ने दम तोड़ दिया. जांच के बाद यहां बड़े स्तर पर घोटाले की बात भी सामने आई थी. मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा और आज उसने इसे लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए.

फोटो- गैटी इमेजेज

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तमिलनाडु-केरल में हंगामा

हाई कोर्ट की ये टिप्पणी ऐसे वक्त पर बेहद अहम हो जाती है जब कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने वध के लिए पशुओं की खरीद-बिक्री पर बैन लगाने का आदेश दिया है. हालांकि मद्रास हाई कोर्ट ने इस फैसले पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है.

इस फैसले को लेकर तमिलनाडु और केरल में खासा उबाल है. इसके विरोध में  सोमवार को मद्रास आईआईटी कैंपस में बीफ पार्टी रखी गई जिसमें कई छात्रों ने खुलेआम बीफ खाया. मंगलवार को हिंदूवादी छात्रों के एक गुट ने बीफ पार्टी में शामिल आईआईटी के पीएचडी स्टूडेंट आर सूरज की जमकर पिटाई की जिसमें वह घायल हो गया.

इसे लेकर आज तमिनलनाडु-केरल में विरोध प्रदर्शन भी हो रहा है. चूंकि आर सूरज केरल का रहने वाला था, इसलिए केरल सरकार इसे लेकर बेहद आक्रामक है. सीएम  पी विजयन ने केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात कही है. उन्होंने इस मुद्दे पर सभी सीएम की मीटिंग बुलाने की भी बात कही है. उधर, चेन्नई में भी बीफ बैन को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. खुद डीएमके नेता स्टालिन भी इसमें शामिल हुए.