जयपुर: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पारित हुआ, जिसके तहत गुर्जर समाज के लोगों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पांच फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया है. प्रदेश सरकार के इस फैसले से आरक्षण का लाभ गुर्जर के अलावा चार अन्य समुदाय बंजारा, गडिया लोहार, रेबाड़ी और गदरिया को भी मिलेगा. Also Read - हरियाणा, मध्य प्रदेश के बाद इस राज्य में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित

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बता दें कि आरक्षण विधेयक तब लाया गया जब गुर्जर समाज द्वारा पांच फीसदी आरक्षण की मांग करते हुए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रेल-सड़क जाम कर रहे थे. उनके विरोध प्र्दशन को बुधवार को आठ दिन हो गए थे. विधेयक पारित होने के बाद उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि अगला कदम संविधान में संशोधन लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क करना होगा जिससे इसका लागू होना संभव होगा. Also Read - आरक्षण को लेकर यूपी के मंत्री का बड़ा बयान, 'पिछड़े वर्ग को मिलने वाले आरक्षण का तीन श्रेणी में होगा बंटवारा'

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विधेयक पर बहस के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान में पहले से ही 50 फीसदी आरक्षण है, जोकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय आरक्षण की अधिकतम सीमा है. उन्होंने कहा कि जब वे सत्ता में थे तो उस समय भी इसी तरह विधेयक पारित हुआ था लेकिन अदालत ने इसकी अनुमति नहीं दी.