राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर बाद से मचा बवाल थमने का नाम नही ले रहा. पूरे राजस्थान में राजपूतों ने इस मुठभेड़ की सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहे हैं. अपनी इस मांग को लेकर कई जगहों पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं नागौर में राजपूतों की भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया. Also Read - Lockdown in Rajasthan: अब राजस्थान में 31 दिसंबर तक लगा लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू, नहीं खुलेंगे स्कूल, देखें नई गाइडलाइन

बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. नागौर में लगभग 50 हजार की संख्या में राजपूत एकत्रित हुए थे. जहां अचानक भीड़ हिंसक हो गई और फिर लोगों ने पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी. फिलहाल पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दिया है. इस हिंसा में कई पुलिसवाले और तकरीबन 16 आंदोलन कर रहे राजपूत घायल हुए हैं. Also Read - राजस्थान में अब 800 रुपये में होगी कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच

गौरतलब है कि करीब डेढ़ साल की फरारी के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गये कुख्यात अपराधी आनंद पाल सिंह के परिजन मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए इसकी केन्द्रीय जांच ब्यूरों से जांच करवाने समेत चार सूत्रीय मांगे मानने पर ही आनंदपाल सिंह के शव का अन्तिम संस्कार करने पर अडिग हैं. Also Read - Agra Mumbai National Highway Blocked: मेधा पाटकर को उत्तर प्रदेश की सीमा में जाने से रोका, मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

इस बीच नागौर जिले के सांवराद में आयोजित रैली के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रभावित जिलों में पदस्थापित अधिकारी और विशेष रूप से तैनात वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के मोबाइल फोन या तो स्विच आफॅ हैं या उनके फोन नहीं लगने के कारण सम्पर्क नहीं हो पा रहा है. वहीं नागौर, बीकानेर, चूरू जिला प्रशासन ने कल मंगलवार को शाम से आज शाम तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगा रखी है.