दिल्ली में 5 सितंबर को संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के लिए राजस्थान के एक व्यक्ति पर 1.41 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. ट्रक चालक के अनुसार, पहले ट्रक को जब्त कर लिया गया था फिर मंगलवार को जुर्माना भरने के बाद दिल्ली के कोर्ट ने ट्रक को छोड़ दिया. बीकानेर के निवासी हरमन राम भांभू ट्रक (नं-RJ07GD0237) के मालिक हैं और इनकी गाड़ी पर पंजीकरण प्रमाण पत्र और परमिट नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया था. हरमन ने बताया, “5 सितंबर को मेरे ड्राइवर पर दिल्ली में जुर्माना लगाया गया था जब वह एक ग्राहक को सिलिका रेत देने गया था. पैसे की व्यवस्था करने में हमें पांच दिन लगे और हमने 9 सितंबर को जुर्माने का भुगतान किया, जिसके बाद वाहन को छोड़ा गया.”

इससे पहले 3 सितंबर को ओडिशा के संबलपुर जिले के एक ट्रक चालक पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिए 86,500 रुपये का जुर्माना लगा था. श्रीडूंगरगढ़, तहसील के ठाकुरियासर गांव के रहने वाले भांभू ने कहा कि यातायात अधिकारियों ने उनके ड्राइवर को पहले एक टन के लिए 20,000 रुपये और हर अतिरिक्त टन के लिए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिससे यह रकम 48,000 रुपये हो गया. और, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और परमिट उल्लंघनों के लिए 10,000 रुपये मिलाकर ये 70,800 रुपये हो गया. फिर गाड़ी के मालिक पर भी इसी रकम का जुर्माना लगा जिससे कुल 1,41,600 रुपये का हिसाब हो गया.

नए यातायात नियमों के लागू होते ही ऐसे कई मामले नजर आए हैं जहां वाहन मालिकों को भारी रकम के रूप में जुर्माना भरना पड़ रहा है. यातायात विशेषज्ञों ने कहा कि दंड में वृद्धि होने से लोग आसानी से किसी भी यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं कर पाएंगे. हालांकि संशोधित एमवी अधिनियम अभी राजस्थान में लागू नहीं किया गया है क्योंकि राज्य सरकार फिलहाल दंड प्रावधानों की समीक्षा कर रही है.