तमिलनाडु: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की रामराज्य रथयात्रा मंगलवार को राजनीतिक दलों के एक धड़े द्वारा विरोध के बीच यहां पहुंची. इस यात्रा का उद्देश्य अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए समर्थन जुटाना है. पुलिस ने कहा कि यात्रा रोकने की कोशिश करने पर लिए केरल-तमिलनाडु सीमा पर स्थित कोट्टाईवासल की तरफ जाने पर वीसीके तिरूमवालवन और एमएमके के जवाहिरूल्ला सहित विभिन्न दलों के नेताओं को गिरफ्तार किया गया.
बता दें कि यह रथयात्रा 13 फरवरी से अयोध्या से शुरू हुई है. 25 मार्च को यह कन्याकुमारी में खत्म होगी. इसके बाद कन्याकुमारी से कश्मीर के लिए रवाना होगी.

पुलिस ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है और यात्रा के रास्ते में पर्याप्त संख्या में जवान तैनात किए गए हैं. इससे पहले रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया. पुलिस ने कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है.

यात्रा 22 मार्च को रामेश्वरम से आगे रवाना होगी और तूतीकोरिन, तिरूनेलवेली और कन्याकुमारी सहित अन्य जिलों से होते हुए अगले दिन तिरूवनंतपुरम पहुंचेगी. रजनीकांत ने भी इस यात्रा पर कहा, तमिलनाडु एक सेक्युलर राज्य है. मुझे पूरा विश्वास है कि पुलिस सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में कामयाब होगी.

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी और दूसरे मुस्लिम संगठन ने भी इर रथयात्रा का विरोध किया. डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि इस यात्रा से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ेगा और राज्य की शांति में खतरा पहुंचेगा. स्टालिन और डीएमके के विधायकों ने विधानसभा में नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट किया. विधानसभा के बाहर स्टालिन और विधायकों को हिरासत में ले लिया गया.