पुडुचेरी/ चेन्नई: एक्टर से नेता बने रजनीकांत ने तूतीकोरिन के दौरे के बीच मीडियाकर्मियों से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी है, वहीं उनके तमिलनाडु के कब्रिस्तान बनाने वाले बयान पर राजनीतिक दलों ने उन पर हमला बोला है. दरअसल, तूतीकोरिन की यात्रा के बाद मीडिया से बुधवार को यहां बातचीत के दौरान अपना आपा खोने पर सुपरस्टार रजनीकांत ने गुरुवार को खेद व्यक्त किया.

रजनीकांत ने ट्वीट किया कि पत्रकारों के एक संगठन ने कहा है कि एक रिपोटर से उन्होंने धमकाने वाले लहजे में बात की. उन्होंने ट्वीट किया, ”किसी को चोट पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था. अगर किसी पत्रकार को ठेस लगी हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूं.” बता दें कि रजनीकांत बुधवार को तूतीकोरिन गए थे और उन्होंने पुलिस गोलीबारी में घायल हुए लोगों से मुलाकात की थी. बाद में इसी बारे में लगातार मीडियाकर्मियों के सवालों पर वह झल्ला गए थे.

 टिप्पणी की  डीएमके समेत कई दलों ने की निंदा
डीएमके और तमिलनाडु के अन्य राजनीतिक दलों ने गुरुवार को सुपरस्टार रजनीकांत की उस टिप्पणी को लेकर उन पर हमला बोला, जिसमें उन्होंने कहा था कि अत्यधिक विरोध प्रदर्शन राज्य को ‘कब्रिस्तान’ में बदल देंगे. हालाकि, सत्तारूढ़ एआईडीएमके ने उनकी इस टिप्पणी का स्वागत किया. रजनीकांत की टिप्पणी स्टरलाइट संयंत्र के खिलाफ हाल में हुए प्रदर्शन के मद्देनजर आई थी, जिसमें पुलिस की गोलीबारी में 13 लोग मारे गए थे.

तमिलनाडु ‘ कब्रिस्तान’ बन जाएगा
बता दें कि तूतीकोरिन में बुधवार घायलों से मिलने के बाद रजनीकांत ने कहा था कि यदि अत्यधिक आंदोलन होते हैं, तो तमिलनाडु ‘ कब्रिस्तान’ बन जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि स्टरलाइट की तांबा पिघलाने वाली इकाई को बंद करने की मांग कर रहे स्थानीय लोगों के प्रदर्शन में समाज विरोधी तत्व घुस गए थे.
बता दें कि रजनीकांत अपनी नयी पार्टी बनाने की घोषणा कर चुके हैं.

कई पार्टियों के नेताओं ने बोला हमला
डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष स्टालिन, एमडीएमके संस्थापक वाइको, एएमएमके नेता टीटीवी दिनाकरण और वीसीके नेता थोल तिरफमावलावन ने रजनीकांत पर उनकी टिप्पणियों को लेकर हमला बोला. स्टालिन ने पुडुचेरी में मीडियाकर्मियों से कहा, ”इसमें संदेह है कि क्या यह उनकी (रजनीकांत) टिप्पणी, क्योंकि भाजपा भी ऐसी टिप्पणी कर चुकी है. वह एक सुपरस्टार हैं और खुद कह चुके हैं कि समाज विरोधी तत्वों ने घुसपैठ कर ली थी. यदि वह इस तरह के लोगों की पहचान कर सकें तो यह देश के लिए अच्छा होगा”. (इनपुट एजेंसी)