वेल्लोर (तमिलनाडु): राजीव गांधी हत्या मामले में सात दोषियों में से एक नलिनी श्रीहरन को उसकी बेटी की शादी के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच बृहस्पतिवार को यहां एक जेल से 30 दिन की पेरोल पर रिहा कर दिया गया. जेल के एक अधिकारी ने कहा कि उसे पेरोल पर छोड़ा गया है. उसकी पेरोल के साथ कई शर्तें लगाई गई हैं.Also Read - इस महानगर में फिर से लागू हुईं कोरोना की सख्त पाबंदियां, मास्क नहीं लगाने वालों पर लगेगा तगड़ा जुर्माना

Also Read - देश के सात प्रमुख शहरों में अप्रैल-जून तिमाही में ऑफिस वर्क स्पेस की लीज में आई 26 फीसदी की गिरावट

साल 1991 से जेल में बंद होने के बाद यह पहली बार है कि वह 30 दिन के पेरोल पर बाहर आयी है. वह पहले भी पेरोल पर बाहर आ चुकी है लेकिन इतने वक्त के लिए नहीं. उसकी पेरोल की शर्तों में मीडिया, राजनीतिक दलों या शख्सियतों से बातचीत ना करना और अच्छा व्यवहार बनाए रखना शामिल है. उसके वकीलों के अनुसार, वह चेन्नई से करीब 130 किलोमीटर दूर वेल्लोर जिले में रहेगी. वह सुरक्षा के बीच उस स्थान पर रहेगी जिसके बारे में उसने पहले अधिकारियों को बताया था और वह एक पुलिस थाने में पेश होगी तथा एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेगी. Also Read - Rahul Gandhi ने एक्सीडेंट में घायल शख्स की मदद के लिए भेजी अपनी एंबुलेंस, सोशल मीडिया ने यूं दिया रिएक्शन, देखें VIDEO

इस महीने की शुरुआत में मद्रास उच्च न्यायालय ने उसकी पेरोल को मंजूरी दे दी थी. नलिनी पिछले 27 वर्षों से वेल्लोर में महिलाओं के लिए बनी विशेष जेल में बंद है. उसने अपनी बेटी की शादी की व्यवस्था करने के लिए छह महीने की छुट्टी मांगी थी. नलिनी के अलावा उसके पति मुरुगन समेत छह अन्य दोषी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से संबंधित मामले में जेल की सजा काट रहे हैं. राजीव गांधी की 21 मई 1991 को वेल्लोर के समीप श्रीपेरम्बदूर में एक चुनावी रैली में लिट्टे के आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी. (इनपुट एजेंसी)