नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व पीएम राजीव गांधी हत्याकांड के एक मुजरिम की याचिका पर वह अक्टूबर में सुनवाई करेगा. यह याचिका इस हत्याकांड की साजिश की जांच के लिए सीबीआई के नेतृत्व में गठित बहुआयामी निगरानी एजेंसी की प्रगति के बारे में दायर की गई है. ये मामला शुक्रवार को जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ के समक्ष आया. पीठ ने कहा, ”हमें इसकी सुनवाई करनी होगी.” इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अक्टूबर में सुनवाई की जाएगी. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

बता दें कि इस हत्याकांड की व्यापक साजिश की जांच के लिए 1998 में बहुआयामी निगरानी एजेंसी गठित की गई थी. जस्टिस एम सी जैन जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही राजीव गांधी हत्याकांड की साजिश की जांच के लिए इस निगरानी एजेंसी का गठन किया गया था. इस जांच एजेन्सी का मुखिया सीबीआई के एक अधिकारी को बनाया गया था और इसमें गुप्तचर ब्यूरो, रॉ, राजस्व गुप्तचर ब्यूरो और दूसरी जांच एजेंसियों के अधिकारियों को शामिल किया गया था. Also Read - ICAI CA Exam: आईसीएआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सीए परीक्षा के आयोजन की व्यवहार्यता पर करेंगे विचार, जानें कब से होगा एग्जाम

याचिका खारिज लेकिन, जांच रिपोर्ट पर सुनवाई होगी
राजीव गांधी हत्याकांड के मुजरिमों में से उम्र कैद की सजा पाने वाले 45 साल एजी पेरारिवलन ने बहुआयामी निगरानी एजेंसी की जांच का काम पूरा होने तक अपनी सजा निलंबित करने का अनुरोध कोर्ट से किया था. हालांकि, न्यायालय ने 14 मार्च को उसकी याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन उसने इस निगरानी समिति को जांच की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया था. Also Read - ICAI CA July Exam: सुप्रीम कोर्ट से CA छात्रों को बड़ी राहत, परीक्षा में शामिल न होने पर माना जाएगा Opt Out Case

कोलंबो की जेल में बंद आरोपी से पूछताछ का अनुरोध
निगरानी एजेंसी ने शीर्ष अदालत में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जांच अभी भी जारी है और श्रीलंका सहित कई उन देशों को अनुरोध पत्र भेजे गए थे जहां कुछ ऐसे व्यक्ति रह रहे हैं जिनकी जांच की आवश्यकता है. इस पर न्यायालय ने निगरानी एजेंसी को कोलंबो की जेल में बंद आरोपी निक्सन उर्फ सुरेन से पूछताछ के लिए श्रीलंका सरकार को भेजे गए अनुरोध पत्र की प्रगति की रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था.

21 मई, 1991 को हुआ था आत्मघाती मानव विस्फोट
बता दें लोकसभा चुनाव के दौरान 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में एक चुनावी सभा के दौरान एक आत्मघाती मानव विस्फोट में पूर्व पीएम राजीव गांधी की मौतहो गई थी. यह संभवत: ऐसा पहला मामला था जिसमें आत्मघाती विस्फोट में एक प्रमुख नेता की हत्या की गई थी. इस विस्फोट में 14 अन्य व्यक्ति भी मारे गए थे. इनमें आत्मघाती विस्फोट करने वाली महिला भी शामिल थी जिसकी पहचान बाद में धनु के रूप में हुई थी.