Leh-Laddakh: भारत-चीन सीमा पर जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार से तीन दिवसीय दौरे पर लेह-लद्दाख पहुंचे हैं. यहां रक्षा मंत्री सीमा पर सेना की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. सोमवार को लद्दाख के कारू सैन्य स्टेशन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लद्दाख में वीरता के कई किस्से हैं. देश उन लोगों को कभी नहीं भूलेगा जिन्होंने इसके लिए अपनी जान दे दी. मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत सरकार सशस्त्र बलों की सभी जरूरतों को पूरा करेगी.Also Read - भारतीय सेना के लिए LOC पर लगाए जाएंगे All-Weather Container। Watch Video

उन्होंने कहा कि दो साल पहले, सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गए. जब मैं लद्दाख के लोगों और हमारे सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल से बात करता हूं तो मुझे फर्क नजर आता है. उनका कहना है कि लद्दाख के लोग खुश हैं. Also Read - क्या आपको ये मैसेज आया - भारतीय सेना ने ये बैंक अकाउंट खोला है, इस पैसे से हथियार खरीदे जाएंगे!

इससे पहले लेह पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ देश के वीर जवानों ने वाहे गुरुजी का खालसा-वाहे गुरुजी की फतेह का नारा लगाया, जिससे पूरा लेह गूंज उठा. बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लेह-लद्दाख के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. Also Read - भारतीय सेना को पहली बार मिल रहा है ऐसा सुरक्षा कवच, जवानों को छू नहीं पाएगी 'हड्डियां गला देने वाली ठंड'

लद्दाख के कारू सैन्य स्टेशन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-यूटी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? आतंकवाद और सामाजिक-आर्थिक विकास की कमी के कारण. यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित थे. अब मुझे  नहीं लगता कि कोई संवेदनशील सरकार इसे बर्दाश्त करेगी. केंद्र शासित प्रदेश के गठन के बाद आतंकवाद की गतिविधियां कम हुईं हैं और हमारी सेना काफी सराहनीय कार्य कर रही है.

इससे पहले रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह में जवानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारी सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में कितना सम्मान है ये बताने की जरूरत नहीं है. 30-40 वर्षों से वन रैंक, वन पेंशन की समस्या चली आ रही थी. नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही वन रैंक, वन पेंशन की मांग को पूरा किया.’