मॉस्को/नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार रूस में तीन दिनों की यात्रा पर गए हुए हैं. इस दौरान कई अहम समारोहों में उन्हें भाग भी लेना है. रूस के विजय दिवस परेड समारोह में राजनाथ सिंह भाग लेंगे. इस बीच उन्होंने मंगलवार के दिन कहा कि भारत और रूस के संबंध विशिष्ट और विशेष सामरिक भागीदारी है. दोनों देश मौजूदा सैन्य डील बरकरार रखेंगे. साथ ही दोनों देश कम समय में आगे बढ़ेंगे. Also Read - रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का लेह दौरा टला, मंत्रालय ने कहा- जारी करेंगे अगली तारीख

राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बाद किसी भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मॉस्कों यात्रा पहली विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा कि भारत और रूस के रक्षा संबंध काफी मजबूत हैं. भारत और रूस विशिष्ट और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक भागीदार हैं. बता दें कि भारत और रूस के बीच एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम S400 को लेकर डील हुई है. इस मिसाइल सिस्टम को रूस भारत को 2021 में सौंपने वाला है. लेकिन कोरोना महामारी के कारण क्या इसकी डिलीवरी में देरी होती. इस लिहाज से राजनाथ सिंह रूस पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं. साथ ही उनकी कोशिश रहेगी की S400 जल्द से जल्द भारतीय सेना के खेमे में शामिल हो जाए. क्योंकि चीनी सेना के पास S400 साल 2018 से ही है. Also Read - India-China Border Latest News: चीन से वार्ता में नहीं बन रही बात! सैन्य तैयारियों का जायजा लेने कल लद्दाख जाएंगे राजनाथ और सेना प्रमुख

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ से कोरोना महामारी के बावजूद होटल में मिलने रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव पहुंचे. इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा की. इस बाबत राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुई चर्चा सकारात्मक रही है. उन्होंने कहा कि रूसी सरकार द्वारा हमें आश्वासन दिया गया है कि किसी प्रकार के सैन्य अनुबंध पर रोक टोक नहीं होगी. सभी सैन्य करार कायम रखे जाएंगे. साथ ही कम समय में कई मामलों पर आगे बढ़ने को लेकर भी आश्वास्न दिया गया है. राजनाथ सिंह ने अंत में कहा कि मैं इस चर्चा से पूरी तरह संतुष्ट हूं क्योंकि हमारें प्रस्तावों को रूस सरकार की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. Also Read - चीन से तनाव के बीच राजनाथ सिंह लद्दाख जाएंगे, सीमा पर सैनिकों से करेंगे बातचीत