लखनऊ। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के चार वर्षो की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए साफ किया कि जम्मू एवं कश्मीर में सरकार की तरफ से किसी तरह के सीजफायर की घोषणा नहीं की गई, बल्कि रमजान के पवित्र महीने को देखते हुए केवल ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ किया गया था. लखनऊ स्थित लोकभवन में मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए राजनाथ ने ये बातें कही.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन किया गया था, सीजफायर नहीं. आतंकवादी घटना होने पर सेना के हाथ नहीं बंधे हैं. जरूरत पड़ने पर हर आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

रमजान के महीने में जम्‍मू कश्‍मीर में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन पर केंद्र की रोक

राजनाथ ने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कॉम्प्रीहेंसिव बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम (व्यापक सीमा सुरक्षा प्रणाली) की शुरुआत की जा रही है. इसके तहत देश की सीमाओं पर नई तकनीक के राडार लगाए जाएंगे. सीमा पर फ्लड लाइटस का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आतंकवादी अंधेरे का लाभ उठाकर देश की सीमा में न प्रवेश कर पाएं.

सीजफायर का किया था ऐलान

बता दें कि रमजान के चलते केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में सीजफायर का ऐलान किया था. 16 मई को केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों को निर्देश जारी कर कहा था कि रमजान के दौरान जम्‍मू कश्‍मीर में ऑपरेशन नहीं चलाएं. हालांकि, आतंकियों के हमलों और आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा हो तो सुरक्षा बलों को अभियान चलाने की छूट होगी. रमजान के महीने में शांति का माहौल बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है. लेकिन आतंकी हमला होने की स्थिति में समुचित कार्रवाई की बात कही थी. इसे लेकर सरकार को आलोचना का शिकार भी होना पड़ा था.