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रजनीकांत ने किया मोदी सरकार के 'एक देश एक चुनाव' का समर्थन
मोदी सरकार ने एक देश एक चुनाव का प्रस्ताव दिया है.
नई दिल्ली। मशहूर एक्टर और नेता रजनीकांत ने मोदी सरकार के एक देश एक चुनाव का समर्थन किया है. रजनीकांत ने कहा कि वन इंडिया वन इलेक्शन एक अच्छा विचार है और इससे राजनीतिक दलों का पैसा और समय दोनों बचेगा. उन्होंने ये भी कहा कि वह अपने चुनाव लड़ने पर बाद में फैसला लेंगे. इससे पहले रजनीकांत ने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी हिस्सा लेगी.
I support One Nation One Election. This will save money and time: Rajinikanth in Chennai #TamilNadu pic.twitter.com/kQw516MfSK
— ANI (@ANI) July 15, 2018
प्रस्तावित चेन्नई सलेम 8 लेन एक्सप्रेस वे पर उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट से औद्योगिक निवेश बढ़ता है. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए किसानों से कम से कम जमीन ली जानी चाहिए उन्हें इतना मुआवजा मिलना चाहिए कि वह खुश रहें.
रजनीकांत ने कहा कि राज्य सरकार को बड़े प्रोजेक्ट लाने चाहिए. उन्होंने तमिलनाडु सरकार को शिक्षा व्यवस्था के लिए सराहा. रजनीकांत ने तमिलनाडु स्कूल शिक्षा मंत्री के ए सेनगोटैया के कामकाज को अच्छा बताया. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के मुकाबले तमिलनाडु की शिक्षा व्यवस्था अच्छी है.
एक देश, एक चुनाव
बता दें बीजेपी और मोदी सरकार ने एक देश एक चुनाव का प्रस्ताव दिया है. बीजेपी का कहना है कि पूरे देश में एक ही समय में विधानसभा और लोकसभा चुनाव कराए जाएं. कई पार्टियों ने इस पर अपनी सहमति दी है. जबकि कांग्रेस सहित कई दल इसके विरोध में हैं.
कार्यकारिणी बैठक में JDU ने ‘एक देश एक चुनाव’ पर BJP का किया समर्थन
अप्रैल में लॉ कमीशन ने कहा था कि 2019 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा सकते हैं. लेकिन इसके लिए संविधान में दो महत्वपूर्ण संशोधन करने होंगे साथ ही राज्य सरकारों की भी मंजूरी जरूरी होगी.
समाजवादी पार्टी और तेलंगाना राष्ट्र समिति ने भी कहा है कि उनकी पार्टी एक देश एक चुनाव पर सहमत है. डीएमके ने हालांकि इसका विरोध करते हुए कहा है कि ये संविधान विरोधी होगा. एमके स्टालिन ने लॉ कमीशन को अपने पत्र में कहा है, डीएमके का दृढ़ विचार है कि लोकसभा और विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव कराना संविधान की मूल भावना का विरोध करने जैसा होगा.
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