नई दिल्ली: विरोध प्रदर्शन कर रहे जेएनयू छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और जम्मू कश्मीर में लगातार पाबंदियों को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

सदन के स्‍थगित होने से पहले, सभापति ने सदन को सूचित किया कि सदस्य अमर सिंह ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए उच्च सदन के वर्तमान सत्र से अवकाश का अनुरोध किया है. सदन की सहमति मिलने के बाद उन्होंने सिंह को अवकाश की मंजूरी दे दी.

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए. इसी बीच वाम, कांग्रेस और अन्य दलों के सदस्यों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुई पुलिस की कार्रवाई और पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से वहां लगातार जारी
पाबंदियों का मुद्दा उठाने का प्रयास किया.

नायडू ने कहा कि उन्हें सदस्यों के पास से तीन कार्य स्थगन नोटिस मिले हैं, लेकिन उन्होंने वे तीनों नोटिस स्वीकार नहीं किए. नोटिस अस्वीकार किए जाने की बात सुन कर वाम सदस्यों और कांग्रेस सदस्यों ने कुछ कहना चाहा. लेकिन उन्हें सभापति ने अनुमति नहीं दी.

इन सदस्यों के अपनी बात कहने के लिए जोर देने पर सभापति ने कहा, ”आप पूरे सदन में व्यवधान उत्पन्न करेंगे. यह ऐसे मुद्दे नहीं हैं कि सदन का कामकाज रोका जाए.” सदन में हंगामा देख नायडू ने सदस्यों को आगाह किया कि यह स्थिति जारी रहने पर उन्हें सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ेगी.

सभापति ने शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया. लेकिन हंगामा थमते न देख उन्होंने 11 बज कर करीब दस मिनट पर ही बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.