नई दिल्‍ली: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत 18 नवंबर को हुई और इस दिन आसन की सहायता के लिए मौजूद रहने वाले मार्शल एकदम नवषभूषा में नजर आए. इन मार्शलों ने सिर पर पगड़ी की बजाय पी-कैप और आधुनिक सुरक्षाकर्मियों वाली वर्दी धारण कर रखी थी, जिसका रंग गहरा हरा था. बहरहाल उनकी इस नई वर्दी पर कुछ राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों के बाद सभापति ने इसकी समीक्षा के आदेश दे दिए.Also Read - Parliament Winter Session: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित, निर्धारित समय से पहले समाप्त हुआ सत्र

मंगलवार को सभापति ने सदन में कहा कि राज्यसभा सचिवालय ने मार्शलों के लिए नया ड्रेस कोड तय किया था. लेकिन राजनीतिक नेताओं तथा कुछ प्रबुद्ध नागरिकों की ओर से इस संबंध में कुछ सुझाव एवं टिप्पणियां मिली हैं. नायडू ने कहा ” मैंने सचिवालय से इसकी समीक्षा करने के लिए कहने का फैसला किया है.” Also Read - औसतन हर दिन 38 किमी NH का हो रहा निर्माण, इसे 40 KM करने का लक्ष्य, जो विश्व में रिकॉर्ड होगा: नितिन गडकरी

Also Read - राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा आरोप, बोले- हमें जनरल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करने का समय नहीं दिया गया

आम तौर पर ये मार्शल गर्मियों में सफारी सूट तथा सर्दियों में भारतीय बंदगला सूट पहने नजर आते थे. इनके सर पर कलगीदार पगड़ी होती थी.

कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य जयराम रमेश ने सोमवार को मार्शलों को नई वर्दी में देख कर कुछ कहना चाहा. उन्होंने कहा ‘‘सर, ये मार्शल…’’ . लेकिन सभापति ने उन्हें रोका और रमेश अपनी बात पूरी नहीं कर पाए.

हालांकि, रमेश ने कहा कि वर्दी में बहुत ही महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है. इस पर सभापति ने कहा, ” ठीक है, आप महत्वपूर्ण समय में हमेशा महत्वपूर्ण बात कहते हैं.”

मार्शलों की वर्दी के संबंध में राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि पिछले कई दशकों से चले आ रहे ड्रेस कोड में बदलाव की मांग मार्शलों ने ही की थी.

बता दें कि सभापति सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों की सहायता के लिये लगभग आधा दर्जन मार्शल तैनात होते हैं.

एक अधिकारी ने बताया कि मार्शलों ने उनके ड्रेस कोड में बदलाव कर ऐसा परिधान शामिल करने की मांग की थी, जो पहनने में सुगम और आधुनिक ‘लुक’ वाली हो. इनकी मांग पर को स्वीकार कर राज्य सचिवालय और सुरक्षा अधिकारियों ने नई ड्रेस को डिजायन करने के लिए कई दौर की बैठकें कर नए परिधान को अंतिम रूप दिया.

सोमवार को राज्यसभा के 250वें सत्र के प्रारंभ होने पर आसन का नजारा कुछ बदला सा लग रहा था. जब यह बदलाव आसन की सहायता के लिए मौजूद रहने वाले मार्शलों की एकदम नई वेषभूषा के कारण दिखाई दिया था.

आम तौर पर उच्च सदन की बैठक आसन की मदद करने वाले कलगीदार पगड़ी पहने किसी मार्शल के सदन में आकर यह पुकार लगाने से शुरू होती है कि ” माननीय सदस्यों, माननीय सभापति जी.”

किंतु, सोमवार को इन मार्शलों के सिर पर पगड़ी की बजाय गहरे हरे रंग (ऑलिव ग्रीन) की पी-कैप थी. साथ ही उन्होंने गहरे हरे रंग (ऑलिव ग्रीन) की आधुनिक सुरक्षाकर्मियों वाली वर्दी धारण कर रखी थी.

सूत्रों के अनुसार मार्शलों ने इस बदलाव पर खुशी जाहिर की है.